Lucknow News: उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने सिपाही भर्ती परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी बनाने की तैयारी कर ली है। बोर्ड ने नकल माफिया और साल्वर गैंग पर शिकंजा कसने के लिए बेहद कड़े निर्देश जारी किए हैं। परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों की संपत्ति सीधे कुर्क की जाएगी।
साल्वर गैंग पर तुरंत होगी कुर्की की बड़ी कार्रवाई
भर्ती बोर्ड के नए नियमों के तहत यदि कोई बाहरी व्यक्ति किसी असली अभ्यर्थी के स्थान पर साल्वर बनकर बैठता है, तो उसके खिलाफ फौरन सख्त ऐक्शन लिया जाएगा। मामले के विवेचक आरोपी का पूरा विवरण संबंधित जिले के जिलाधिकारी को सौंपेंगे। मंजूरी मिलते ही मकान और बैंक खाते जब्त होंगे।
बोर्ड ने सोशल मीडिया या अन्य किसी प्लेटफॉर्म पर प्रश्नपत्रों के कंटेंट की सार्वजनिक चर्चा करने पर भी पूरी तरह रोक लगा दी है। परीक्षा के प्रश्नों को शेयर करना या फॉरवर्ड करना अब गंभीर अपराध माना जाएगा। नए कानून के तहत ऐसा करने वालों को सीधे जेल भेजा जाएगा।
पहली और दूसरी गलती पर मिलेगी बेहद भयानक सजा
इस नए कड़े कानून के तहत अपराधियों के लिए सजा के बेहद सख्त प्रविधान किए गए हैं। पहली बार पेपर लीक या नकल में दोषी पाए जाने पर मुल्जिम को अधिकतम सात साल की कठोर जेल काटनी होगी। इसके साथ ही अपराधी पर 10 लाख रुपये का भारी जुर्माना भी लगेगा।
यदि कोई आरोपी दूसरी बार इस तरह की जालसाजी में पकड़ा जाता है, तो उसकी सजा सीधे उम्रकैद में तब्दील हो जाएगी। दूसरी बार पकड़े जाने पर कोर्ट जुर्माने की राशि को बढ़ाकर न्यूनतम 50 लाख से अधिकतम एक करोड़ रुपये तक कर सकती है। कानून बहुत सख्त है।
प्रदेश के सभी 75 जिलों में सजेगा महापरीक्षा का मंच
उत्तर प्रदेश के इतिहास की यह सबसे बड़ी महापरीक्षाओं में से एक होने जा रही है। आगामी आठ से 10 जून के बीच आयोजित होने वाली इस सिपाही भर्ती परीक्षा के माध्यम से कुल 32,679 खाली पदों को भरा जाना है। इसके लिए 28 लाख से ज्यादा उम्मीदवारों ने आवेदन किया है।
इस भारी भीड़ को देखते हुए राज्य के सभी 75 जिलों में 1,183 हाई-टेक परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। यह परीक्षा प्रतिदिन दो पालियों में ऑफलाइन मोड में आयोजित होगी। बोर्ड ने अभ्यर्थियों के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर एग्जाम सिटी स्लिप और एडमिट कार्ड जारी कर दिए हैं।
Author: Ajay Mishra


