New Delhi News: आचार्य चाणक्य की नीतियां आज के समय में भी बहुत प्रासंगिक हैं। उनके पिता का नाम चणक था। इसलिए उन्हें चाणक्य कहा गया। उनकी नीतियां इंसान को सही रास्ता दिखाती हैं। चाणक्य ने जीवन में चार तरह के लोगों से बचने की सख्त सलाह दी है। इनसे दूर रहकर ही सुखी रहा जा सकता है।
आचार्य चाणक्य ने अपने नीति शास्त्र में स्पष्ट रूप से बताया है कि कुछ लोग बेहद खतरनाक होते हैं। ये वो लोग हैं जिनकी बातों और कामों में बहुत बड़ा अंतर होता है। ऐसे लोग कहते कुछ और हैं, लेकिन करते कुछ अलग ही हैं। इन लोगों पर कभी भरोसा नहीं करना चाहिए। ये आपको धोखा दे सकते हैं।
दुनिया में कई ऐसे लोग मिलते हैं जो आपके मुंह पर बहुत मीठा बोलते हैं। लेकिन पीठ पीछे वे आपके खिलाफ गहरी साजिश रचते हैं। चाणक्य के अनुसार ऐसे धोखेबाज लोग विष या जहर के समान होते हैं। ये अंदर ही अंदर आपको नुकसान पहुंचाते हैं। इसलिए भलाई इसी में है कि ऐसे लोगों से सुरक्षित दूरी बनाकर रखें।
मूर्ख और दुष्ट स्वभाव के लोगों से बनाएं दूरी
चाणक्य नीति कहती है कि मूर्ख और अज्ञानी व्यक्ति से कभी भी गहरी दोस्ती नहीं करनी चाहिए। इनसे बेहतर तो एक समझदार दुश्मन होता है। किसी अज्ञानी को ज्ञान देना दीवार पर सिर मारने जैसा है। ऐसे लोगों के साथ रहने से जीवन में हमेशा दुख और घोर अपमान का ही सामना करना पड़ता है।
जिन लोगों के मन में हमेशा ईर्ष्या, लालच और नकारात्मकता भरी होती है, उनसे कोई रिश्ता नहीं रखना चाहिए। आचार्य चाणक्य मानते हैं कि ऐसे दुष्ट स्वभाव वाले लोगों पर कभी दया नहीं दिखानी चाहिए। इनसे काम निकालना या संबंध रखना सीधे तौर पर अपने जीवन में बड़ी मुसीबतों और भारी विपत्ति को बुलावा देना है।
Author: Pandit Balkrishan Sharma

