Delhi News: देश की राजधानी दिल्ली में शनिवार को एक बेहद अजीबोगरीब और अनोखा प्रदर्शन देखने को मिला। यहां ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ नाम के एक संगठन ने नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर देश के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए जमकर नारेबाजी की।
इस्तीफा न मिलने पर देशव्यापी आंदोलन की दी बड़ी चेतावनी
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सरकार को कड़ा अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने साफ कहा कि अगर शिक्षा मंत्री ने शाम पांच बजे तक अपने पद से इस्तीफा नहीं दिया, तो पूरे देश में उग्र प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। संगठन ने आगामी तेरह जून को जंतर-मंतर पर दोबारा बड़े प्रदर्शन का ऐलान किया है।
इस अनोखे राजनीतिक घटनाक्रम के बीच यह जानना बेहद दिलचस्प है कि कॉकरोच आखिर कितना ताकतवर और अनोखा जीव है। वैज्ञानिकों के मुताबिक पृथ्वी पर कॉकरोच का इतिहास इंसानों से भी बहुत पुराना है। इसकी उत्पत्ति लगभग दो सौ अस्सी मिलियन वर्ष पहले कार्बोनिफेरस युग में हुई थी।
बिना सिर के एक हफ्ते तक जीवित रहने का अनोखा वैज्ञानिक रहस्य
कॉकरोच का ब्लड सर्कुलेशन सिस्टम इंसानों की तरह बंद नसों से जुड़ा नहीं होता है, बल्कि इसमें ओपन ब्लड सर्कुलेशन सिस्टम पाया जाता है। इसके शरीर की त्वचा पर छोटे-छोटे महीन छेद होते हैं, जिनकी मदद से यह आसानी से सांस लेता है। इसका नर्वस सिस्टम पूरे शरीर में फैला रहता है।
यही वजह है कि सिर कट जाने के बाद भी कॉकरोच की सांसें बंद नहीं होती हैं और वह एक सप्ताह तक आराम से जिंदा रह सकता है। इसके अलावा कॉकरोच चालीस मिनट तक अपनी सांस रोकने की अद्भुत कला में माहिर होता है। यह आधे घंटे तक पानी के भीतर डूबे रहने पर भी नहीं मरता है।
एक घंटे में पांच किलोमीटर दौड़ने की रफ्तार और शराब का शौक
यह छोटा सा जीव एक घंटे में करीब पांच किलोमीटर तक की लंबी दूरी तय करने की ताकत रखता है। इसी तेज रफ्तार के कारण यह घरों में बहुत तेजी से खतरनाक बैक्टीरिया और संक्रमण फैलाता है। महज एक दिन का कॉकरोच भी अपने माता-पिता जितनी तेज गति से दौड़ सकता है।
आपको जानकर बेहद हैरानी होगी कि कॉकरोच शराब के भी शौकीन होते हैं। अमेरिकी कॉकरोच की प्रजाति अल्कोहल वाले पेय पदार्थों, खासकर बीयर की तरफ बहुत तेजी से आकर्षित होती है। वैज्ञानिकों के अनुसार बीयर में मौजूद हप्स और चीनी की मिठास इसका मुख्य कारण है।
जीरो डिग्री तापमान सहन करने की क्षमता और छह इंच लंबा आकार
ठंडे खून वाला जीव होने के कारण कॉकरोच बिना भोजन के पूरे एक महीने तक जीवित रह सकता है। हालांकि पानी के बिना यह केवल एक हफ्ते ही जिंदा रहता है। इसी वजह से यह अक्सर बाथरूम और अंडरग्राउंड जैसे नमी वाले ठिकानों में छिपकर अपना बसेरा बनाता है।
दुनियाभर में कॉकरोच की चार हजार से अधिक प्रजातियां पाई जाती हैं, जिनमें जर्मन कॉकरोच सबसे आम है। दक्षिण अमेरिका में पाए जाने वाले दुनिया के सबसे बड़े कॉकरोच की लंबाई छह इंच तक होती है, जिसके पंखों का फैलाव करीब एक फुट तक दर्ज किया गया है।
Rajesh Kumar


