San Francisco News: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस आधुनिक दौर में जैसे-जैसे एआई टूल्स हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बनते जा रहे हैं, वैसे-वैसे उनकी सुरक्षा को लेकर चिंताएं भी तेजी से बढ़ने लगी हैं। आज के समय में लोग और बड़ी कंपनियां दोनों ही चैटजीपीटी (ChatGPT) जैसे टूल्स पर अपनी बेहद गुप्त जानकारियां शेयर कर रहे हैं।
साइबर हैकर्स के खतरनाक प्रॉम्प्ट इंजेक्शन अटैक से मिलेगी सुरक्षा
इसी गंभीर जरूरत को देखते हुए ओपनएआई (OpenAI) ने चैटजीपीटी के लिए एक बिल्कुल नया और बेहद खास फीचर ‘लॉकडाउन मोड’ (Lockdown Mode) आधिकारिक तौर पर लॉन्च कर दिया है। यह नया मोड एक बेहद खतरनाक और बढ़ते हुए साइबर सिक्योरिटी खतरे से निपटने के लिए तैयार किया गया है, जिसे तकनीकी भाषा में ‘प्रॉम्प्ट इंजेक्शन अटैक’ कहा जाता है।
यह हमला नॉर्मल हैकिंग की तरह सिस्टम को तोड़कर अंदर घुसने की कोशिश बिल्कुल नहीं करता है, बल्कि बेहद चालाकी से काम लेता है। इसमें डिजिटल अटैकर्स किसी भी वेबपेज, फाइल्स या इंटरनेट कंटेंट के अंदर कुछ ऐसे छिपे हुए कोडिंग निर्देश डाल देते हैं, जिन्हें केवल एआई ही पढ़ और समझ सकता है।
यूजर की निजी डिटेल्स चोरी होने का बना रहता था बड़ा खतरा
अगर चैटजीपीटी अनजाने में उन छिपे हुए निर्देशों को समझकर फॉलो कर लेता है, तो उसका पूरा बिहेवियर अचानक बदल जाता है। इतना ही नहीं, इसके जरिए यूजर की वो गुप्त डिटेल्स भी हैकर्स के सामने आ सकती हैं, जिन्हें शेयर करने का यूजर का कोई इरादा नहीं था। लॉकडाउन मोड इसी खतरे को पूरी तरह खत्म करता है।
ओपनएआई के मुताबिक, लॉकडाउन मोड असल में एक बहुत ही मजबूत एक्स्ट्रा सेफ्टी लेयर है। यह चैटजीपीटी की मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था के ऊपर एक और मजबूत सुरक्षा कवच जोड़ देता है। आसान शब्दों में समझें तो यह बिल्कुल ऐसा है जैसे आपने अपने घर के मुख्य दरवाजे पर एक और मजबूत डिजिटल ताला जड़ दिया हो।
इस मोड को ऑन करते ही एक्टिव हो जाएगा एडवांस सेफ्टी मोड
जैसे ही यूजर अपने अकाउंट में लॉकडाउन मोड को ऑन करता है, चैटजीपीटी बाहरी खतरों को लेकर सामान्य से थोड़ा ज्यादा अलर्ट हो जाता है। इसके बाद भी यूजर्स अपनी जरूरी फाइल्स आसानी से अपलोड कर सकते हैं, इमेज शेयर कर सकते हैं और एआई की मदद से नई तस्वीरें भी बनवा सकते हैं।
हालांकि, कुछ ऐसी आधुनिक सुविधाएं जो इंटरनेट या बाहरी असुरक्षित कंटेंट से सीधे जुड़ी होती हैं, वे सुरक्षा के लिहाज से सीमित हो जाती हैं। उदाहरण के लिए, चैटजीपीटी कई बार वेब से लाइव इमेज लाना बंद कर देता है। इसके अलावा कुछ एडवांस फीचर्स जैसे डीप रिसर्च और एजेंट मोड भी इस दौरान काम नहीं करते हैं।
आम यूजर्स के मुकाबले इन खास लोगों के लिए वरदान है ये फीचर
ओपनएआई ने अपने बयान में साफ तौर पर बताया है कि यह एडवांस प्राइवेसी फीचर हर नॉर्मल यूजर के लिए जरूरी नहीं है। जो लोग रोजमर्रा के जीवन में सामान्य सवाल-जवाब करते हैं, उन्हें शायद इस मोड से कोई बड़ा फायदा न दिखे। लेकिन संवेदनशील डेटा पर काम करने वालों के लिए यह बहुत उपयोगी है।
दुनियाभर के खोजी पत्रकार, साइंटिस्ट, रिसर्चर, कॉरपोरेट प्रोफेशनल्स या बड़ी सरकारी संस्थाओं में काम करने वाले लोग, जिनके लिए डेटा की प्राइवेसी सबसे पहली प्राथमिकता होती है, उनके लिए यह फीचर किसी वरदान से कम नहीं है। कंपनी ने इस सुरक्षा फीचर को सभी कैटेगरीज के यूजर्स के लिए पूरी तरह रोलआउट कर दिया है।
Mohit


