Washington News: अमेरिकी सेना आगामी 30 सितंबर तक इराक से पूरी तरह वापस लौट जाएगी। साल 2003 में सद्दाम हुसैन के खिलाफ शुरू हुई सैन्य कार्रवाई के बाद से अमेरिकी सैनिक वहां तैनात हैं। व्हाइट हाउस में इराकी प्रधानमंत्री के साथ बैठक के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह घोषणा की है।
राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने इराकी प्रधानमंत्री अली अल-ज़ैदी के साथ बैठक में स्पष्ट किया कि अब वहां अमेरिकी सैनिकों की कोई आवश्यकता नहीं है। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने भी अपने बयान में साल 2024 के द्विपक्षीय समझौते की पुष्टि करते हुए आइसिस विरोधी अभियान खत्म करने की बात कही है।
US Army Return: इराक सेना को सौंपी जा रही सुरक्षा की जिम्मेदारी
बाइडन प्रशासन के कार्यकाल में हुए इस समझौते के तहत बड़ी संख्या में अमेरिकी सैनिक पहले ही वतन लौट चुके हैं। अब अमेरिका सुरक्षा की पूरी कमान स्थानीय सैनिकों को सौंप रहा है। इन इराकी सैनिकों को विशेष रूप से अमेरिकी सेना ने ही आतंकवाद से लड़ने की ट्रेनिंग दी है।
अमेरिका ने मार्च 2003 में इराक पर सैन्य हमला किया था। तब दावा किया गया था कि सद्दाम हुसैन के पास विनाशकारी हथियार हैं, जो बाद में पूरी तरह गलत साबित हुए। साल 2007 में वहां अमेरिकी सैनिकों की संख्या बढ़कर 1.70 लाख से अधिक हो गई थी।
US Pentagon Agreement: जानिए क्या रहा है अमेरिकी सैनिकों का इतिहास
इसके बाद ओबामा प्रशासन ने सैनिकों की वापसी के लिए बातचीत शुरू की थी। दिसंबर 2011 में अमेरिका के आखिरी लड़ाकू सैनिक वहां से वापस आ गए थे। तब इराक में केवल सुरक्षा सहायता कार्यालय के कुछ कर्मी और दूतावास की सुरक्षा के लिए मरीन दस्ता तैनात था।
साल 2014 में आइसिस के बढ़ते खतरे को देखते हुए इराकी सरकार ने अमेरिकी सेना को दोबारा बुलाया था। साल 2021 में आतंकी संगठन का प्रभाव खत्म होने पर साझा अभियान रोक दिया गया था। अब 2,500 सैनिकों में से सिर्फ सलाहकारों का छोटा दल बचा है।

