Delhi News: इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसलिंग (ICC) ने मेंस वनडे वर्ल्ड कप के फॉर्मेट में बड़े बदलाव का ऐलान किया है. नए नियमों के तहत अब 14 टीमों का वर्ल्ड कप तीन अलग-अलग स्टेज में खेला जाएगा. इस बदलाव का मकसद टूर्नामेंट को ज्यादा रोमांचक बनाना और सभी मैचों की अहमियत बढ़ाना है.
नए फॉर्मेट में सबसे कम रैंकिंग वाली तीन टीमें पहले दौर की ‘सुपर सीरीज’ में खेलेंगी. इस स्टेज की विजेता टीम ही मुख्य दौर में जगह बनाएगी. दूसरे दौर में कुल 12 टीमें होंगी, जिन्हें छह-छह के दो ग्रुप में बांटा जाएगा. इससे शुरुआती मुकाबले और भी ज्यादा प्रतिस्पर्धी हो जाएंगे.
ग्रुप स्टेज के बाद होगा रोमांचक सुपर 7 राउंड
दोनों ग्रुप की टॉप तीन टीमें और उनके बाद सबसे ज्यादा रैंक वाली एक अन्य टीम अगले राउंड में जाएगी. इस नए चरण को ‘सुपर 7’ नाम दिया गया है. यह राउंड-रॉबिन फॉर्मेट में होगा, जिससे टॉप चार टीमें सीधे सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई करेंगी. यह फॉर्मेट लगातार अच्छा खेलने वाली टीमों को इनाम देगा.
आईसीसी का कहना है कि नए बदलावों से ‘डेड रबर’ यानी बिना नतीजे वाले मैच बहुत कम हो जाएंगे. इससे ब्रॉडकास्टर्स, खिलाड़ियों और फैंस का अनुभव बेहतर होगा. साल 2027 के वनडे वर्ल्ड कप में नए नियमों के तहत कुल 57 मैच खेले जाएंगे. इस प्रस्ताव को आईसीसी बोर्ड ने अपनी सालाना बैठक में मंजूरी दी है.
टीम इंडिया और अन्य टीमों पर क्या होगा असर
नए फॉर्मेट से उन मजबूत टीमों को फायदा होगा जो पूरे टूर्नामेंट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करेंगी. भारत जैसी मजबूत टीम अपनी बेंच स्ट्रेंथ के दम पर इस लंबे फॉर्मेट में बेहतर कर सकती है. हालांकि, कम रैंकिंग वाली टीमों पर शुरुआत से ही रैंकिंग सुधारने और क्वालीफाई करने का भारी दबाव रहेगा.
क्रिकेट विश्लेषकों के बीच इस बात पर बहस भी छिड़ गई है कि यह बदलाव खेल के विकास के लिए है या केवल कमर्शियल फायदे के लिए. हालांकि आईसीसी का दावा है कि इस बदलाव से ग्लोबल स्तर पर क्रिकेट की लोकप्रियता बढ़ेगी. इसके अलावा दर्शकों को शुरुआत से ही हाई-प्रेशर मैच देखने को मिलेंगे.

