New Delhi News: हिंदू धर्म में ज्येष्ठ पूर्णिमा का विशेष महत्व है, जो इस साल 29 जून को मनाई जाएगी। इस दिन चंद्रमा की पूजा करने से मानसिक तनाव दूर होता है और जीवन में सुख-शांति आती है। कुंडली में चंद्र दोष होने पर व्यक्ति डिप्रेशन और चिंता से घिर जाता है। ऐसे में कुछ खास ज्योतिष उपायों से लाभ पाया जा सकता है।
ज्येष्ठ पूर्णिमा का शुभ मुहूर्त और चंद्रोदय का सही समय
पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ शुक्ल पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 29 जून को सुबह 3 बजकर 6 मिनट पर होगी। इसका समापन अगले दिन 30 जून को सुबह 5 बजकर 26 मिनट पर होगा। इस दिन चंद्रोदय शाम 7 बजकर 16 मिनट पर होगा, जबकि चंद्रास्त अगले दिन सुबह 5 बजकर 15 मिनट पर होगा।
चंद्र दोष से मुक्ति के लिए पूर्णिमा व्रत और शिव पूजा
चंद्रमा के अशुभ प्रभाव को दूर करने के लिए ज्येष्ठ पूर्णिमा का व्रत रखना बेहद फायदेमंद माना जाता है। इस बार पूर्णिमा पर सोमवार का खास संयोग बन रहा है, जो चंद्रमा का ही दिन है। इस दिन रात में कच्चे दूध, सफेद फूल और अक्षत से चंद्रमा को अर्घ्य दें और दिन में शिव-पार्वती की पूजा करें।
सफेद वस्तुओं का दान करने से मजबूत होगा आपका भाग्य
पूर्णिमा के दिन सुबह पवित्र नदी में स्नान करने के बाद दान-पुण्य का विशेष महत्व है। चंद्र दोष से राहत पाने के लिए चंद्रमा से संबंधित वस्तुओं जैसे दूध, शक्कर, सफेद कपड़े, खीर, चांदी, मोती और मिश्री का दान करें। इस उपाय से कुंडली का कमजोर चंद्रमा तुरंत मजबूत होकर शुभ फल देने लगता है।
मां की सेवा और आशीर्वाद से दूर होंगी सभी मानसिक समस्याएं
ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा का सीधा संबंध मां से माना गया है। यदि आपकी कुंडली में चंद्र दोष है, तो नियमित रूप से अपनी माता की सेवा करें और उनका आशीर्वाद लें। महत्वपूर्ण कामों में मां की सलाह जरूर शामिल करें। उनकी केयर और रिस्पेक्ट करने से आपका मानसिक तनाव हमेशा के लिए समाप्त हो जाएगा।
चंद्र मंत्रों का जाप और रत्न धारण करने की सही विधि
पूर्णिमा और सोमवार को पूजा के बाद ‘ॐ सोमाय नमः’ मंत्र का जाप स्फटिक या रुद्राक्ष की माला से करें। इसके अलावा शिव चालीसा, रुद्राष्टक या चंद्र स्तोत्र का पाठ करने से भी मानसिक शांति मिलती है। एक्सपर्ट ज्योतिषी की सलाह पर इस शुभ मुहूर्त में चांदी की अंगूठी में ओरिजिनल मोती भी पहन सकते हैं।

