Bengaluru: ऑनलाइन ग्रॉसरी प्लैटफॉर्म बिगबास्केट (BigBasket) के को-फाउंडर हरि मेनन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लिंक्डइन पर एक बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने स्वीकार किया कि शुरुआत में उन्हें क्विक कॉमर्स यानी 10 मिनट में डिलीवरी के बिजनेस आइडिया पर बिल्कुल भी भरोसा नहीं था। सीईओ का पद छोड़ते समय उन्होंने यह बात साझा की।
ग्राहकों को आदत लगने के बाद तेजी से बढ़ा पूरा मार्केट
हरि मेनन ने लिखा कि अगर शुरुआत में 100 लोगों से पूछा जाता कि क्या उन्हें 10 मिनट में राशन चाहिए, तो ज्यादातर का जवाब ‘ना’ होता। लेकिन जैसे ही ग्राहकों को यह सर्विस दी गई, उन्होंने इसे हाथों-हाथ लिया। साल 2011 में शुरू हुई बिगबास्केट के आज 60 से अधिक शहरों में 900 से ज्यादा डार्क स्टोर हैं।
टाटा ग्रुप के अधिग्रहण के बाद भी मुनाफे पर बड़ा सस्पेंस
साल 2021 में टाटा ग्रुप ने इस बड़े ऑनलाइन ग्रॉसरी ब्रांड का अधिग्रहण किया था। मेनन ने कहा कि भारत की क्विक कॉमर्स इंडस्ट्री आज अरबों डॉलर का निवेश आकर्षित कर रही है। इसके बावजूद इस खास बिजनेस मॉडल से नेट प्रॉफिट कमाना बेहद मुश्किल काम है। तेज ग्रोथ के बाद भी पूरी इंडस्ट्री का इकनॉमिक्स भारी दबाव में है।
कम एवरेज ऑर्डर वैल्यू के कारण पैसा कमाना काफी मुश्किल
एक समिट के दौरान हरि मेनन ने कहा कि केवल 350 से 400 रुपये की एवरेज ऑर्डर वैल्यू वाला बिजनेस मॉडल कभी पैसा नहीं कमा पाएगा। उन्होंने तर्क दिया कि कोई भी बिजनेस अच्छा एबिटा (EBITDA) कमाने के लिए बनाया जाता है, सिर्फ ब्रेक-ईवन तक पहुंचने के लिए नहीं। इस मॉडल में ग्रॉस मार्जिन बढ़ाना बेहद जरूरी है।
डीमार्ट जैसी पारंपरिक रिटेल कंपनियों से की बड़ी तुलना
पारंपरिक ऑफलाइन रिटेल से तुलना करते हुए मेनन ने कहा कि इसी पैमाने पर काम करने वाली डीमार्ट जैसी कंपनियां लगभग 8% का बेहतर एबिटा कमाती हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि कंपनियां लगातार हैवी डिस्काउंट नहीं दे सकतीं। ग्रोथ धीमी होने और कैपिटल सीमित होने के कारण आने वाले समय में कंपनियों का मर्जर या कंसोलिडेशन होना बिल्कुल तय है।
ई-कॉमर्स सेक्टर के एक्सपर्ट्स का भी मानना है कि क्विक कॉमर्स कंपनियों को अपनी डिलीवरी कॉस्ट और वेरिएबल कॉस्ट को कंट्रोल करना होगा। केवल ऑर्डर्स का वॉल्यूम बढ़ाकर लॉन्ग टर्म में प्रॉफिट हासिल नहीं किया जा सकता। डार्क स्टोर्स के बढ़ते रेंट और मैनपावर की फिक्स्ड कॉस्ट को मैनेज करना ही इस पूरे बिजनेस की सफलता की असली चाबी है।

