Aaj Ka Panchang 14 June 2026: आज चतुर्दशी और अमावस्या का बड़ा संयोग, जानें राहुकाल का समय और शुभ मुहूर्त

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Delhi News: आज रविवार, 14 जून 2026 को ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि है। आज दोपहर के बाद अमावस्या तिथि का भी विशेष आरंभ हो जाएगा। वैदिक पंचांग के अनुसार आज रोहिणी नक्षत्र और धृति योग का बहुत ही दुर्लभ संयोग बन रहा है।

आज चंद्रमा का गोचर वृषभ राशि में रहेगा। यदि आप आज कोई विशेष पूजा-पाठ, दान-पुण्य, यात्रा या किसी नए महत्वपूर्ण कार्य की योजना बना रहे हैं, तो आपके लिए आज के दिन के सभी शुभ और अशुभ मुहूर्त की सटीक जानकारी जानना बेहद जरूरी है।

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तिथि की बात करें तो कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी आज दोपहर 12:20 बजे तक रहेगी। इसके बाद अमावस्या तिथि प्रारंभ हो जाएगी, जो अगले दिन यानी 15 जून की सुबह 08:23 बजे तक प्रभावी रहेगी। आज सूर्योदय सुबह 05:44 बजे और सूर्यास्त शाम 07:09 बजे होगा।

इन अशुभ मुहूर्तों में भूलकर भी न करें नए काम की शुरुआत

शास्त्रों के अनुसार किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत करने से पहले अशुभ काल का विशेष ध्यान रखना चाहिए। आज शाम 05:28 बजे से सायं 07:09 बजे तक राहुकाल रहेगा। राहुकाल के दौरान किसी भी नए और मांगलिक कार्य को शुरू करने से बचना चाहिए।

इसके अलावा आज दोपहर 12:27 बजे से दोपहर 02:07 बजे तक यमगण्ड काल रहेगा। दोपहर 03:48 बजे से शाम 05:28 बजे तक गुलिक काल रहेगा। शाम को 05:21 बजे से 06:15 बजे तक दुर्मुहूर्त रहेगा और दोपहर 03:13 से 04:37 बजे तक वर्ज्यम् काल प्रभावी रहेगा।

अशुभ समय में किए गए कार्यों में अक्सर विघ्न-बाधाएं आने की आशंका बनी रहती है। इसलिए सनातन परंपरा में इन विशिष्ट अवधियों के दौरान बेहद सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। इस समय को टालकर ही अपनी महत्वपूर्ण योजनाओं का क्रियान्वयन करें।

अभिजीत मुहूर्त और सर्वार्थसिद्धि योग देंगे हर कार्य में बड़ी सफलता

आज दिन का सर्वश्रेष्ठ माना जाने वाला अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:00 बजे से दोपहर 12:53 बजे तक रहेगा। इस दौरान शुरू किए गए कार्यों में निश्चित रूप से सफलता प्राप्त होती है। वहीं शाम को 07:24 बजे से रात 08:48 बजे तक बेहद पवित्र अमृत काल रहेगा।

आज पूजा, पाठ और मंत्र जाप के लिए सबसे उत्तम माना जाने वाला ब्रह्म मुहूर्त प्रातः 04:08 बजे से सुबह 04:56 बजे तक रहेगा। इसके साथ ही आज रात 01:16 बजे से सर्वार्थसिद्धि योग और अमृतसिद्धि योग भी शुरू हो जाएंगे, जो कार्यों में सिद्धि प्रदान करेंगे।

धार्मिक दृष्टि से आज अमावस्या के संयोग पर पितरों का तर्पण और दान-पुण्य करना महापुण्यदायी माना जाता है। चूंकि आज रविवार का दिन है, इसलिए भगवान सूर्य नारायण की विशेष उपासना करना और उन्हें तांबे के पात्र से अर्घ्य देना आपके जीवन में मान-सम्मान बढ़ाएगा।

Author: Pandit Balkrishan Sharma

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