रॉक बैंड की ड्रमर से जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री बनने तक का सफर, साने ताकाइची की भारत यात्रा और रणनीतिक साझेदारी

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New Delhi News: जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री साने ताकाइची अपनी पहली आधिकारिक विदेश यात्रा पर भारत पहुंच चुकी हैं। नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी उच्च स्तरीय बैठक हुई। इस द्विपक्षीय शिखर वार्ता के दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा, आधुनिक तकनीक, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और वैश्विक व्यापार जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर रणनीतिक समझौते हुए।

हैवी मेटल रॉक बैंड की ड्रमर से प्रधानमंत्री तक

जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री साने ताकाइची का जीवन बेहद असाधारण और प्रेरणादायक रहा है। राजनीति के मैदान में कदम रखने से पहले उनकी पहचान काफी अलग थी। वे अपने कॉलेज के दिनों में एक प्रसिद्ध हैवी मेटल रॉक बैंड में ड्रम बजाया करती थीं। संगीत के प्रति उनका यह जुनून आज भी चर्चा में रहता है।

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संगीत की दुनिया को पीछे छोड़कर उन्होंने अमेरिका में एक टेलीविजन एंकर के रूप में अपने पेशेवर करियर की शुरुआत की। इस मीडिया अनुभव ने उन्हें सार्वजनिक संवाद की कला सिखाई। इसके बाद उन्होंने प्रशासनिक और विधायी कार्यों को समझने के लिए अमेरिकी कांग्रेस की सदस्य पेट्रीसिया श्रोएडर के साथ काम किया।

केवल बत्तीस साल की उम्र में जापानी संसद में प्रवेश

ताकाइची ने साल 1992 में अपना पहला चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। उन्होंने इस असफलता से हार नहीं मानी और अपनी मेहनत जारी रखी। अगले ही साल यानी 1993 में केवल 32 साल की उम्र में उन्होंने एक स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में शानदार जीत दर्ज की और संसद पहुंचीं।

साल 1996 में वे जापान की सत्ताधारी लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी में शामिल हो गईं। यहां उन्हें पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे का मजबूत राजनीतिक मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। आबे सरकार में उन्होंने आंतरिक मामलों और संचार मंत्री जैसे अहम पदों को संभालकर अपनी बेहतरीन प्रशासनिक क्षमताओं और दूरदर्शिता का लोहा मनवाया।

आर्थिक सुरक्षा और राष्ट्रीय रक्षा सुधारों को दी ताकत

साल 2022 से 2024 के बीच फुमियो किशिदा सरकार में उन्होंने आर्थिक सुरक्षा मंत्री का कार्यभार संभाला। इस कार्यकाल के दौरान ताकाइची ने संवेदनशील सरकारी तकनीकों की रक्षा के लिए एक ऐतिहासिक सिक्योरिटी क्लीयरेंस सिस्टम लागू किया। उनके इस कदम को वैश्विक रक्षा विशेषज्ञों ने सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना।

प्रधानमंत्री पद तक पहुंचने का उनका यह सफर चुनौतियों से भरा रहा है। वे साल 2021 और 2024 के पार्टी चुनावों में बेहद करीबी अंतर से चुनाव हार गईं। इसके बाद भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और साल 2025 के अंत में ऐतिहासिक जीत दर्ज कर जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं।

भारत और जापान की रणनीतिक साझेदारी को नई रफ्तार

नई दिल्ली में आयोजित शिखर वार्ता के दौरान दोनों देशों ने भविष्य के रोडमैप पर मुहर लगाई। भारत और जापान ने सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन, क्लीन एनर्जी, समुद्री सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी अभियानों में सहयोग बढ़ाने का संकल्प लिया। दोनों देश भविष्य की नई तकनीकों के विकास और निवेश पर मिलकर काम करेंगे।

साने ताकाइची का यह पहला आधिकारिक विदेशी दौरा भारत के साथ मजबूत रिश्तों को दर्शाता है। दोनों देशों के बीच का यह नया गठबंधन न केवल व्यापारिक रिश्तों को मजबूत करेगा बल्कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की राजनीति और सुरक्षा व्यवस्था में भी एक नई और बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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