मंडी पंचायत चुनाव में सरकारी कर्मचारी पर प्रचार का आरोप, भाजपा ने उठाए निष्पक्षता पर बड़े सवाल

Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में पंचायत चुनाव के दौरान एक सरकारी कर्मचारी पर कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी के प्रचार का आरोप लगा है। मामला धर्मपुर उपमंडल के जिला परिषद वार्ड सरी से जुड़ा है। भाजपा ने इसकी शिकायत चुनाव आयोग से की है और पूरे मामले में निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।

भाजपा कार्यकर्ताओं का आरोप है कि जलशक्ति विभाग का कर्मचारी कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी अजय कुमारी के पक्ष में प्रचार कर रहा था। आरोप के अनुसार कर्मचारी पहले कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बैठक में शामिल हुआ। इसके बाद वह पार्टी के झंडे और बैनर लेकर प्रचार अभियान में भी सक्रिय दिखाई दिया।

सोशल मीडिया पर वायरल हुईं तस्वीरें

भाजपा नेताओं ने कर्मचारी की कुछ तस्वीरें इंटरनेट मीडिया पर साझा की हैं। इन तस्वीरों में कथित कर्मचारी प्रचार गतिविधियों में शामिल नजर आ रहा है। भाजपा का दावा है कि सरकारी कर्मचारी का किसी राजनीतिक दल के पक्ष में खुले तौर पर प्रचार करना सेवा नियमों और चुनाव आचार संहिता के खिलाफ है।

पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में कई सरकारी कर्मचारी कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों के पक्ष में काम कर रहे हैं। भाजपा ने दावा किया कि यह सब स्थानीय विधायक के इशारे पर हो रहा है। हालांकि कांग्रेस की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

भाजपा ने निष्पक्षता पर उठाए सवाल

भाजपा ने स्थानीय चुनाव अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए हैं। पार्टी का कहना है कि शिकायतों के बावजूद प्रशासन ने अब तक सख्त कार्रवाई नहीं की। भाजपा नेताओं ने आरोपित कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाने की मांग की है।

ग्रामीणों ने भी कर्मचारी पर ड्यूटी छोड़कर चुनाव प्रचार में व्यस्त रहने का आरोप लगाया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कैंची मोड़, भलेर और कांडापतन क्षेत्र में कई दिनों से पानी की समस्या बनी हुई है। उनका आरोप है कि कर्मचारी प्रचार में व्यस्त रहने के कारण विभागीय काम प्रभावित हुआ।

जलशक्ति विभाग ने शुरू करवाई जांच

जलशक्ति विभाग के अधिशाषी अभियंता इंजीनियर विवेक हाजरी ने बताया कि विभाग को चुनाव प्रचार में शामिल होने की शिकायतें मिली हैं। उन्होंने कहा कि मामले की जांच एसडीओ को सौंप दी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि आरोप सही पाए गए तो संबंधित कर्मचारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

पंचायत चुनावों के बीच सामने आए इस मामले ने राजनीतिक माहौल गर्म कर दिया है। विपक्ष लगातार सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का आरोप लगा रहा है। वहीं प्रशासन का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने के लिए हर शिकायत की गंभीरता से जांच की जाएगी।

Author: Harikarishan Sharma

Hot this week

Related Articles

Popular Categories