Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश के पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव से एक बेहद अद्भुत और प्रेरक खबर सामने आई है। राज्य के जागरूक मतदाताओं ने इस बार विकास और आपसी भाईचारे की एक बेमिसाल मिसाल पेश की है। प्रदेश में बिना मतदान के ही हजारों प्रत्याशी चुन लिए गए हैं।
राज्य निर्वाचन आयोग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक प्रदेशभर में रिकॉर्ड 8,841 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित घोषित हो चुके हैं। ग्रामीणों के इस अनोखे फैसले से लोकतंत्र को एक नई ताकत मिली है। आपसी सहमति बनने के कारण अब इन उम्मीदवारों के सामने कोई प्रतिद्वंदी मैदान में नहीं बचा है।
ग्रामीण भाईचारे ने पेश की लोकतंत्र की नई मिसाल
चुनाव आयोग ने पहले राज्य में कुल 31,182 सीटों के लिए मतदान करवाने की घोषणा की थी। लेकिन अब इतनी बड़ी संख्या में उम्मीदवारों के निर्विरोध चुने जाने के बाद बड़ा उलटफेर हुआ है। अब प्रशासन को केवल 22,341 पदों के लिए ही वास्तविक मतदान करवाना होगा।
इस चुनाव में सबसे ज्यादा संख्या वार्ड सदस्यों की है, जहां जनता ने आपस में मिलकर सबसे अधिक सहमति जताई है। राज्य के कुल 21,678 वार्ड सदस्य पदों में से 8,398 उम्मीदवार निर्विरोध जीत चुके हैं। इन सीटों पर मतदाताओं को अब पोलिंग बूथ तक जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
इसके अलावा पंचायत समिति के 1,769 पदों में से 61 सदस्यों को सर्वसम्मति से चुना गया है। वहीं सबसे महत्वपूर्ण माने जाने वाले ग्राम पंचायत प्रधान के 3,758 पदों में से 145 उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए हैं। इन क्षेत्रों के लोगों ने बिना विवाद के अपना नेता तय किया है।
गांव के स्तर पर उपप्रधान पद के लिए भी लोगों ने गजब की एकता दिखाई है। राज्य के कुल 3,758 उपप्रधान पदों में से 237 उम्मीदवार बिना चुनाव लड़े ही विजयी घोषित हो चुके हैं। हालांकि जिला परिषद के 251 पदों पर ऐसा कोई चमत्कार देखने को नहीं मिला।
शिमला और कांगड़ा जिलों में दिखा सबसे ज्यादा उत्साह
जिला परिषद सीटों के अंतर्गत आने वाले गांवों और मतदाताओं की संख्या बहुत अधिक होती है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार इतने बड़े स्तर पर सभी पक्षों के बीच सहमति बनाना एक बेहद टेढ़ी खीर है। इसके बावजूद जमीनी स्तर पर ग्रामीण एकता ने सबको चौंका दिया है।
पहाड़ी राज्य हिमाचल में सबसे ज्यादा निर्विरोध प्रत्याशी शिमला जिले से जीतकर सामने आए हैं। राजधानी शिमला के ग्रामीण इलाकों में वार्ड सदस्य के 1,687 उम्मीदवारों ने बिना किसी मुकाबले के शानदार जीत दर्ज की है। इस आंकड़े ने पूरे प्रदेश में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
इसके अलावा कांगड़ा जिले में भी जनता ने आपसी तालमेल का शानदार उदाहरण पेश किया है। कांगड़ा में कुल 1,657 वार्ड सदस्य बिना किसी चुनावी जंग के सीधे विजेता बन गए हैं। मंडी जिले में 1,296 और सिरमौर जिले में 1,166 वार्ड सदस्य भी निर्विरोध चुने गए हैं।
पंचायती चुनाव में लगातार बदल रही उम्मीदवारों की यह स्थिति ग्रामीण राजनीति को नया मोड़ दे रही है। गांवों में चुनावी रंजिश खत्म करने और आपसी सहयोग से विकास को रफ्तार देने के लिए यह बहुत बड़ी मिसाल है। निर्वाचन विभाग अब शेष सीटों पर मतदान की तैयारी कर रहा है।
Author: Sunita Gupta

