Himachal News: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आगामी नगर निकाय और पंचायत चुनावों को लेकर कांग्रेस की रणनीति साफ कर दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतें इस बार मुख्य चुनावी मुद्दा होंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि महंगाई का सबसे गहरा असर शहरी क्षेत्रों के परिवारों पर पड़ रहा है। हिमाचल में नगर निकाय चुनाव 17 मई को होंगे। वहीं, पंचायतों के लिए मतदान 26, 28 और 30 मई को होना तय हुआ है।
महंगाई और आपदा राहत पर केंद्र की घेराबंदी
मुख्यमंत्री ने सोमवार को मीडिया से रूबरू होते हुए केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि गलत नीतियों के कारण जनता पर आर्थिक बोझ लगातार बढ़ रहा है। सुक्खू ने आपदा प्रबंधन के मुद्दे पर भी केंद्र को घेरा। उनके मुताबिक भारी तबाही के समय प्रदेश को केंद्र से कोई विशेष आर्थिक मदद नहीं मिली। कांग्रेस अब इन बुनियादी मुद्दों को लेकर सीधे जनता की अदालत में जाकर समर्थन मांगेगी।
ईवीएम की निष्पक्षता और पांच राज्यों के चुनावी रुझान
देश के चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के चुनावी रुझानों पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने ईवीएम पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि ईवीएम तकनीक को कहीं भी आसानी से हैक किया जा सकता है। उन्होंने 2014 के लोकसभा चुनाव का संदर्भ देते हुए कहा कि उस समय हिमाचल में कांग्रेस का वोट प्रतिशत अविश्वसनीय रूप से कम रहा। इससे चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर संदेह पैदा होता है।
पश्चिम बंगाल और केरल में कांग्रेस की स्थिति
मुख्यमंत्री सुक्खू ने पश्चिम बंगाल की राजनीति पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि कांग्रेस करीब 20 साल बाद वहां मजबूती से अपने उम्मीदवार उतार रही है। बंगाल में ममता सरकार के खिलाफ लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि भविष्य में वहां कांग्रेस और भाजपा के बीच सीधा मुकाबला होगा। उन्होंने केरल का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां कांग्रेस सत्ता में वापसी के लिए पूरी तरह तैयार है।
केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग और चुनावी गारंटियां
भाजपा पर राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ईडी और सीबीआई को हथियार बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं पर ऐसा दबाव पहले कभी नहीं देखा गया। राज्य सरकार की 10 गारंटियों पर उन्होंने कहा कि महिलाओं को 1500 रुपये की मासिक सहायता राशि दी जा रही है। सरकार जल्द ही इस योजना का विस्तार अन्य जिलों में भी करेगी। वह हर वादा पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
सुरक्षा व्यवस्था और स्कूलों को बम की धमकी
शिमला के स्कूलों को हाल ही में मिली बम की धमकियों पर मुख्यमंत्री ने कड़ी चिंता जताई है। उन्होंने प्रशासनिक स्तर पर मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। सुक्खू ने कहा कि पुलिस इन शरारती तत्वों की पहचान कर रही है। बच्चों और शिक्षण संस्थानों की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अभिभावकों को घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि पुलिस प्रशासन हर संदिग्ध गतिविधि पर पैनी नजर रख रहा है।


