बिलासपुर के इस गांव ने पेश की अनोखी मिसाल: बिना वोटिंग के चुन ली पूरी पंचायत, चुनाव से पहले ही तय हुए प्रधान और सदस्य

Himachal News: हिमाचल में पंचायत चुनावों की गहमागहमी जारी है। इसी बीच बिलासपुर जिले से एक सकारात्मक खबर सामने आई है। एक गांव ने मतदान से पहले ही बड़ा फैसला लिया है। ग्रामीणों ने आपसी सहमति से पूरी पंचायत का निर्विरोध चयन कर लिया। नवगठित छंदोह पंचायत ने राजनीति से ऊपर गांव के विकास को रखा है। लोगों ने बिना वोट डाले ही प्रधान, उप-प्रधान और वार्ड सदस्यों को चुना। इस गांव ने पूरे राज्य में एक अनोखी मिसाल पेश की है।

पूर्व पंचायत प्रमुख की बैठक में लिया बड़ा फैसला

बिलासपुर के घुमारवीं में दाधोल और पद्यालाग पंचायतों को अलग किया गया। इसके बाद छंदोह नाम से नई पंचायत बनी। पूर्व पंचायत प्रमुख मेहर सिंह ने शनिवार को एक विशेष बैठक बुलाई। इस बैठक में गांव के सभी नागरिक शामिल हुए। ग्रामीणों ने पंचायत के विकास पर लंबी चर्चा की। इसके बाद पदों के लिए उम्मीदवारों के नामों पर आम सहमति बन गई। गांव वालों ने बिना विवाद के सभी पंचायत प्रतिनिधियों के नामों को अंतिम रूप दे दिया।

सुभाष रनौत बने प्रधान, पांच वार्ड सदस्य भी चुने

बैठक में सुभाष रनौत को सर्वसम्मति से पंचायत का प्रधान चुना गया। बलजीत कश्यप को उप-प्रधान की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई। इसके साथ ही पांच वार्ड सदस्यों के नामों पर भी गांव वालों ने मुहर लगाई। जसवानी से सोनू और मरयानी से प्रकाश को सदस्य चुना गया। पन्याली से बनिता, दोहरू से पूनम और छंदोह से ओंकार को प्रतिनिधि बनाया गया। ग्रामीणों ने पूरी पंचायत का चुनाव बहुत ही शांतिपूर्ण और आपसी भाईचारे के साथ पूरा कर लिया।

सुप्रीम कोर्ट ने दी राहत, चुनाव का विकल्प है खुला

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में राज्य सरकार को एक बड़ी राहत दी है। अदालत ने स्थानीय निकाय चुनाव की समय सीमा बढ़ा दी है। यह तिथि पहले तीस अप्रैल थी, जिसे अब इकतीस मई किया गया है। हिमाचल में छत्तीस सौ से अधिक निकायों में चुनाव होने हैं। हालांकि छंदोह पंचायत ने निर्विरोध चुनाव कर लिया है, फिर भी विकल्प पूरी तरह खुला है। अगर कोई व्यक्ति चुनाव लड़ना चाहता है, तो वह अपना नामांकन दाखिल कर सकता है।

सड़कें और पेयजल संकट दूर करना नई प्राथमिकता

प्रधान बनने के बाद सुभाष रनौत ने अपनी प्राथमिकताएं बिल्कुल स्पष्ट की हैं। उन्होंने कहा कि गांव की सड़कों की हालत सुधारना उनका पहला बड़ा काम होगा। क्षेत्र में पेयजल संकट दूर करने के लिए नए हैंडपंप लगाए जाएंगे। उप-प्रधान बलजीत कश्यप ने भी लोगों को विकास का पूरा भरोसा दिलाया है। उन्होंने कहा कि टीम सभी गांवों के समग्र विकास के लिए काम करेगी। ग्रामीणों को भी अब इस नई पंचायत टीम से बहुत अधिक उम्मीदें जुड़ गई हैं।

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