Himachal News: हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है। जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) एवं उपायुक्त अनुराग चंद्र शर्मा ने एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक आदेश जारी किया है। इस फैसले के बाद से पूरे जिले की राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ गई हैं।
उपायुक्त ने जिले की विभिन्न पंचायत समितियों के नव-निर्वाचित सदस्यों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाने का फैसला किया है। इसके साथ ही उन्होंने अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों का महत्वपूर्ण चुनाव संपन्न करवाने के लिए अनुभवी पीठासीन अधिकारियों की तैनाती के कड़े आदेश दिए हैं।
एसडीएम को मिली अपने क्षेत्रों में चुनाव कराने की जिम्मेदारी
प्रशासनिक आदेश के तहत कुल्लू और भुन्तर पंचायत समिति के लिए उप मण्डलाधिकारी (नागरिक) यानी एसडीएम कुल्लू को पीठासीन अधिकारी बनाया है। इसी प्रकार नगर पंचायत समिति के चुनाव कराने की अहम जिम्मेदारी उप मण्डलाधिकारी मनाली को सौंपी गई है।
इसके अतिरिक्त बन्जार पंचायत समिति के लिए एसडीएम बन्जार को पीठासीन अधिकारी नियुक्त किया गया है। वहीं आनी पंचायत समिति के लिए उप मण्डलाधिकारी आनी तथा निरमण्ड पंचायत समिति के लिए उप मण्डलाधिकारी निरमण्ड को इस पूरी चुनावी प्रक्रिया को संभालने का जिम्मा मिला है।
उपायुक्त ने सभी संबंधित उप मण्डलाधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाली पंचायत समितियों के इस काम को संभालेंगे। वे पूरी प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष, समयबद्ध और सुचारू रूप से पूरा करेंगे।
पंचायती राज अधिनियम के तहत होगी पूरी कानूनी कार्रवाई
यह महत्वपूर्ण आदेश हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 79 के तहत जारी हुआ है। इसके साथ ही प्रशासन ने हिमाचल प्रदेश पंचायती राज (निर्वाचन) नियम, 1994 के नियम 85 के कानूनी प्रावधानों का पालन भी सुनिश्चित किया है।
जारी आदेशों के अनुसार नियुक्त किए गए सभी पीठासीन अधिकारी एक्शन मोड में काम करेंगे। वे संबंधित पंचायत समितियों के नव-निर्वाचित सदस्यों को अधिनियम की धारा 126, 127 और नियम 85क के तहत शपथ दिलाएंगे। इसके तुरंत बाद अध्यक्ष व उपाध्यक्ष का गुप्त चुनाव होगा।
Author: Sunita Gupta

