Himachal News: हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने सरकारी नौकरी की चाह रखने वाले युवाओं को बड़ा झटका दिया है। राज्य सरकार ने वन विभाग में 500 रेगुलर फॉरेस्ट गार्ड के पदों को पूरी तरह खत्म कर दिया है। अब इन पदों की जगह असिस्टेंट फॉरेस्ट गार्ड की भर्ती की जाएगी। इस बड़े बदलाव को लेकर आधिकारिक अधिसूचना भी जारी हो चुकी है। पक्की नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए यह फैसला काफी निराशाजनक माना जा रहा है।
फिक्स वेतन पर होगी नई भर्तियां
वन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव कमलेश कुमार पंत ने इस संबंध में नए आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों के अनुसार अब 500 असिस्टेंट फॉरेस्ट गार्ड पदों पर फिक्स वेतन के आधार पर नियुक्तियां होंगी। चुने गए उम्मीदवारों को हर महीने 16,000 रुपये का मानदेय मिलेगा। यह नया नियम वन विभाग में तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। सरकार के इस कदम से 58 साल की पक्की नौकरी की उम्मीदें टूट गई हैं।
वन मित्रों के लिए 50 फीसदी कोटा
सरकार ने नई भर्ती प्रक्रिया में वन मित्रों को बड़ी राहत दी है। असिस्टेंट फॉरेस्ट गार्ड के 50 प्रतिशत पद सीधे वन मित्रों के लिए आरक्षित रहेंगे। इसके साथ ही इन पदों पर रोस्टर प्रणाली भी पूरी तरह लागू की जाएगी। वन मित्रों के लिए किसी भी तरह के अनुभव की शर्त नहीं रखी गई है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यह नई नियुक्ति कितने समय के लिए होगी और क्या भविष्य में इन्हें पक्का किया जाएगा।
चुनावी वादों पर उठ रहे बड़े सवाल
हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार ने चुनाव से पहले पांच लाख पक्की नौकरियां देने का बड़ा वादा किया था। लेकिन अब सरकार लगातार अस्थाई तौर पर भर्तियां कर रही है। इससे पहले वन मित्रों को भी मात्र 10 हजार रुपये के मानदेय पर रखा गया था। पशु मित्र और स्टाफ नर्सों की भी रेगुलर तैनाती नहीं हो रही है। इस कारण विपक्ष और आम युवा सुक्खू सरकार की रोजगार नीतियों पर लगातार गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं।

