Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में मानसून की दस्तक से पहले आपदा प्रबंधन की तैयारियों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। युवा नेता पवन कुमार ने जिला प्रशासन मंडी को एक ऑफिशियल ईमेल भेजकर सुरक्षा से जुड़ी विस्तृत जानकारी मांगी है। उन्होंने सभी तैयारियों को तुरंत सार्वजनिक करने की मांग की है।
पवन कुमार ने कहा कि पिछली बार मंडी ने भारी बारिश और लैंडस्लाइड के कारण भीषण तबाही झेली थी। सैकड़ों परिवारों के घर रातों-रात बर्बाद हो गए थे। कई निर्दोष लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। इस डरावने मंजर के कारण आज भी स्थानीय बुजुर्गों और बच्चों में गहरा भय बना हुआ है।
प्रशासन को पिछले साल के भारी नुकसान से लेना चाहिए सबक
युवा नेता ने आग्रह किया कि प्रशासन पिछले साल के नुकसान से सबक लेकर इस बार अलर्ट मोड पर रहे। उन्होंने आधिकारिक ईमेल के जरिए कई तीखे सवाल पूछे हैं। उन्होंने पूछा कि जिला प्रशासन के पास कुल कितनी बोट, जेसीबी, रिलीफ मटेरियल और टेंपरेरी कैंप की पुख्ता व्यवस्था है।
उन्होंने संवेदनशील गांवों में लगाए गए अर्ली वार्निंग सिस्टम की सटीक लोकेशन भी मांगी है। इसके साथ ही भूस्खलन वाले हॉटस्पॉट क्षेत्रों में रेस्क्यू ऑपरेशन की प्लानिंग की जानकारी मांगी गई है। स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी के साथ को-ऑर्डिनेशन के प्लान पर भी उन्होंने रिपोर्ट सबमिट करने को कहा है।
सूचना का अधिकार और पब्लिक अवेयरनेस कैंपेन है बेहद जरूरी
पवन कुमार ने जोर देकर कहा कि आपदा के समय आम नागरिकों के लिए पब्लिक अवेयरनेस कैंपेन चलाना बेहद जरूरी है। जब तक सरकारी तैयारियां पूरी तरह पारदर्शी नहीं होंगी, तब तक लोगों का भरोसा जीतना मुमकिन नहीं है। तैयारियों में पारदर्शिता आने से कम्युनिटी पार्टिसिपेशन को भी काफी मजबूती मिलेगी।
उन्होंने प्रशासन से अपील की कि वे इस बार पीड़ितों के आंसुओं को याद रखकर काम करें। आपदा किसी भी राजनीतिक दल को देखकर नहीं आती है। समाज की सुरक्षा के लिए सभी का सहयोग जरूरी है। उन्होंने मंडी को सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन से जल्द लिखित रिपोर्ट देने का अनुरोध किया है।
Reported By: Sunita Gupta

