Delhi News: देश की राजधानी दिल्ली के सबसे वीवीआईपी इलाके सेंट्रल विस्टा का नाम अब पूरी तरह बदल गया है। केंद्र सरकार ने इस पूरे पुनर्विकास क्षेत्र को अब एक नया नाम देने का बड़ा फैसला किया है। इस ऐतिहासिक परिसर को अब ‘कर्तव्य भवन क्षेत्र’ के नाम से जाना जाएगा।
आधिकारिक दस्तावेजों में अब होगा नए नाम का इस्तेमाल
केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल ने रविवार को इस महत्वपूर्ण बदलाव की घोषणा की। उन्होंने साफ कहा कि सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास क्षेत्र को अब ‘कर्तव्य भवन परिसर’ कहा जाना चाहिए। अब से सभी सरकारी कामकाज और बातचीत में पुराने नाम ‘सेंट्रल विस्टा’ का इस्तेमाल पूरी तरह बंद करना होगा।
केंद्रीय लोक निर्माण विभाग यानी सीपीडब्ल्यूडी के स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस नए नाम को तत्काल प्रभाव से सभी आधिकारिक दस्तावेजों और संदर्भों में शामिल किया जाए। भविष्य में कोई भी विभाग पुराने नाम का उपयोग नहीं करेगा।
साल 2022 में राजपथ का नाम बदलकर हुआ था कर्तव्य पथ
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने अपने संबोधन में आगे कहा कि अब तक हम बार-बार इस वीआईपी इलाके को सेंट्रल विस्टा कहते रहे हैं। अब से कृपया इसे केवल कर्तव्य भवन परिसर या कर्तव्य भवन क्षेत्र ही कहें। यह बदलाव देश की नई प्रशासनिक पहचान को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम है।
बता दें कि इससे पहले साल 2022 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी एक ऐतिहासिक फैसला लिया था। उन्होंने राष्ट्रपति भवन से इंडिया गेट तक जाने वाले दो किलोमीटर लंबे मार्ग ‘राजपथ’ का नाम बदला था। तब सरकार ने उसका नाम बदलकर ‘कर्तव्य पथ’ कर दिया था।
इस बड़े पुनर्विकास प्रोजेक्ट के तहत मार्ग के दोनों किनारों पर नए सरकारी कार्यालय भवनों का निर्माण किया गया है। बाद में इन नए आधुनिक कार्यालय परिसरों का नाम भी बदलकर ‘कर्तव्य भवन’ रखा गया था। अब इसी कड़ी में सरकार ने पूरे सेंट्रल विस्टा क्षेत्र का नाम भी बदल दिया है

