Delhi News: मानसून के मौसम में सड़क किनारे भुट्टा सिकता देखकर हर किसी का मन इसे खाने का हो जाता है। अक्सर लोगों को लगता है कि मक्का उगाने के लिए बड़े खेतों की जरूरत होती है। हालांकि, सही जानकारी और सही आकार के गमले की मदद से इसे घर पर भी आसानी से उगाया जा सकता है।
अगर आपको होम गार्डनिंग यानी बागवानी का शौक है, तो इस बार अपने घर की छत या बालकनी में भुट्टा उगाना एक शानदार अनुभव हो सकता है। इसके लिए आपको बस सही आकार के बर्तन, उपजाऊ मिट्टी और थोड़े से ध्यान की आवश्यकता होगी, जिससे पौधे की ग्रोथ अच्छी हो सके।
घर पर भुट्टा उगाने के लिए गमले और उपजाऊ मिट्टी का सही चुनाव
मक्के के पौधे की जड़ें काफी गहराई तक जाती हैं, इसलिए इसके लिए कम से कम 16 से 18 इंच गहरा और चौड़ा गमला चुनना चाहिए। गमले की जगह बड़े साइज के ग्रो बैग का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। अच्छी फसल के लिए कम से कम चार से छह पौधे साथ लगाना बेहतर होता है।
भुट्टे के लिए ऐसी वेल-ड्रेंड मिट्टी तैयार करें, जिसमें पानी बिल्कुल न ठहरे। मिट्टी को उपजाऊ बनाने के लिए उसमें अच्छी मात्रा में गोबर की खाद या जैविक कंपोस्ट मिलाएं। मिट्टी में पर्याप्त पोषण होने से पौधे का विकास तेजी से होता है और फसल अच्छी मिलती है।
बीज लगाने का सही तरीका और धूप-पानी का रखें विशेष ध्यान
मक्के के बीजों को मिट्टी में लगभग एक से दो इंच की गहराई पर दबाएं। दो बीजों के बीच पर्याप्त दूरी रखना जरूरी है। बीज लगाने के तुरंत बाद हल्का पानी दें। इस पौधे को रोजाना कम से कम छह से आठ घंटे की सीधी धूप मिलना जरूरी है, वरना ग्रोथ रुक सकती है।
पौधे की मिट्टी में हमेशा हल्की नमी बनाए रखें और उसे पूरी तरह सूखने न दें। हालांकि, गमले में बहुत ज्यादा पानी भरने से बचें क्योंकि इससे जड़ें सड़ सकती हैं। पौधा थोड़ा बड़ा होने के बाद हर दो से तीन हफ्ते में जैविक खाद डालते रहें ताकि पोषण मिलता रहे।
जानिए कब तैयार होती है फसल और किन बातों का रखें ख्याल
गमले में बीज लगाने के लगभग दो से तीन महीने बाद भुट्टा तोड़कर खाने के लिए तैयार हो जाता है। जब भुट्टे के ऊपरी हिस्से पर मौजूद रेशे भूरे रंग के होने लगें, तब समझें कि फसल पक चुकी है। अच्छी पैदावार के लिए पौधों के आसपास उगने वाली बेकार घास को समय-समय पर हटाते रहें।

