Nainital News: रामपुर रोड पर स्थित अमेजोन स्टोर में बीते पांच जून को हुए भीषण अग्निकांड के मामले में जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। इस दर्दनाक हादसे में दो लोगों की असमय मौत हो गई थी। अब इस पूरे मामले की निष्पक्ष और विस्तृत मजिस्ट्रेट जांच आधिकारिक तौर पर शुरू कर दी गई है।
जिला प्रशासन ने घटना की गहराई से जांच करने के लिए नगर मजिस्ट्रेट एपी बाजपेयी को जांच अधिकारी नामित किया है। नगर मजिस्ट्रेट ने बताया कि जिला मजिस्ट्रेट नैनीताल के नौ जून 2026 के आदेश के तहत यह कार्रवाई की जा रही है। हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए हर पहलू की जांच होगी।
आम जनता और प्रत्यक्षदर्शियों से मांगा सहयोग
जांच अधिकारी एपी बाजपेयी ने घटना से जुड़े सभी तथ्यों की गहन पड़ताल के लिए आम जनता से सहयोग की अपील की है। उन्होंने कहा है कि इस भीषण अग्निकांड के संबंध में यदि किसी भी नागरिक, प्रत्यक्षदर्शी या प्रभावित पक्ष के पास कोई भी पुख्ता जानकारी है, तो वह उसे प्रशासन के सामने बेझिझक रख सकता है।
हादसे से जुड़े किसी भी प्रकार के लिखित या मौखिक बयान, दस्तावेज अथवा अन्य साक्ष्य विज्ञप्ति के प्रकाशन की तिथि से 10 दिनों के भीतर जमा कराए जा सकते हैं। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि इस भयावह आग के पीछे कोई तकनीकी खराबी थी या फिर सुरक्षा मानकों में बड़ी लापरवाही बरती गई थी।
कार्यालय या पंजीकृत डाक के माध्यम से दें सबूत
नगर मजिस्ट्रेट ने स्पष्ट किया है कि कोई भी इच्छुक व्यक्ति किसी भी कार्य दिवस में नगर मजिस्ट्रेट कार्यालय या न्यायालय में स्वयं उपस्थित होकर अपना पक्ष रख सकता है। इसके अलावा, यदि कोई व्यक्ति वहां जाने में असमर्थ है, तो वह संबंधित अभिलेख और साक्ष्य पंजीकृत डाक (Registered Post) के माध्यम से भी भेज सकता है।
जांच के दौरान प्राप्त होने वाले सभी महत्वपूर्ण तथ्यों और साक्ष्यों को नियमानुसार रिपोर्ट में शामिल किया जाएगा। इसके बाद ही दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस भीषण अग्निकांड के बाद से ही स्थानीय व्यापारियों और निवासियों में सुरक्षा इंतजामों को लेकर काफी आक्रोश देखने को मिल रहा है।
Author: Harish Rawat


