आपकी जेब पर डाका! रसोई गैस के नाम पर हो रहा करोड़ों का खेल, क्या आपको मिल रही है 36 रुपये की यह छूट?

Uttar Pradesh News: सरकार और प्रशासन की नाक के नीचे रसोई गैस वितरण प्रणाली में एक बड़ा घोटाला फल-फूल रहा है। जिले की गैस एजेंसियां उपभोक्ताओं को उनके हक की छूट देने के बजाय उनकी जेब पर डाका डाल रही हैं। नियमों के मुताबिक, गैस सिलेंडर की कीमत में करीब 36 रुपये होम डिलीवरी चार्ज के रूप में शामिल होते हैं। हैरानी की बात यह है कि उपभोक्ता खुद एजेंसी के गोदाम जाकर सिलेंडर ले रहे हैं, फिर भी उनसे पूरा पैसा वसूला जा रहा है। पड़ताल में सामने आया है कि शहर के लगभग 80 प्रतिशत गैस गोदामों पर यह अनियमितता बेखौफ जारी है।

होम डिलीवरी के बिना वसूली जा रही पूरी रकम

नियमों को ताक पर रखकर गैस एजेंसी संचालक उपभोक्ताओं से अवैध वसूली कर रहे हैं। यदि उपभोक्ता खुद एजेंसी पर जाकर सिलेंडर लेता है, तो उसे होम डिलीवरी शुल्क का रिफंड मिलना चाहिए। जमीनी स्तर पर एजेंसियां न तो यह सेवा दे रही हैं और न ही शुल्क वापस कर रही हैं। अधिकतर उपभोक्ताओं को तो इस नियम की भनक तक नहीं है। वे चुपचाप एजेंसी द्वारा मांगी गई पूरी कीमत अदा कर रहे हैं। इस प्रक्रिया से हर माह लाखों रुपये का चूना आम आदमी को लगाया जा रहा है।

15 दिनों में डकारे गए 30 लाख रुपये

पिछले 15 दिनों से जिले में गैस सिलेंडर की मांग में अचानक उछाल आया है। इस स्थिति का फायदा उठाकर एजेंसियों ने गोदामों पर लंबी कतारें लगवा दी हैं। सूत्रों की मानें तो प्रतिदिन करीब 2 लाख रुपये की अतिरिक्त वसूली की जा रही है। इस हिसाब से पिछले दो हफ्तों में अनुमानित अवैध वसूली 30 लाख रुपये का आंकड़ा पार कर चुकी है। जिले में लगभग 83 गैस एजेंसियां हैं, जो हर रोज 6000 तक सिलेंडर की आपूर्ति करती हैं। यह बड़ा नेटवर्क अब भ्रष्टाचार का अड्डा बनता जा रहा है।

उपभोक्ताओं की बेबसी और जानकारी का अभाव

आम जनता को इस लूट की जानकारी ही नहीं दी जाती। उपभोक्ता आशा राम और शाहवेज का कहना है कि एजेंसी या हॉकर कभी नहीं बताते कि खुद सिलेंडर लेने पर छूट मिलती है। लोग मजबूरी में 950 रुपये तक चुका रहे हैं, जबकि सिलेंडर की निर्धारित कीमत 910.50 रुपये के आसपास है। हरिकिशन जैसे कई ग्राहक हमेशा खुद गोदाम जाकर सिलेंडर लाते हैं, लेकिन उन्हें कभी रिफंड के बारे में जागरूक नहीं किया गया। यह चुप्पी गैस एजेंसियों के लिए मुनाफे का सौदा बन गई है।

प्रशासन का आश्वासन: होगी सख्त कार्रवाई

इस गंभीर अनियमितता पर अब प्रशासन की नजर टेढ़ी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि नियम के अनुसार उपभोक्ता डिलीवरी चार्ज रिफंड के लिए आवेदन कर सकते हैं। यदि कोई एजेंसी बिना होम डिलीवरी के अतिरिक्त शुल्क वसूल रही है, तो उसकी जांच कराई जाएगी। प्रशासन ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे जागरूक बनें और अवैध वसूली का विरोध करें। दोषी पाए जाने वाले गैस एजेंसी संचालकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और लाइसेंस निरस्त करने तक के कदम उठाए जा सकते हैं।

Hot this week

Related News

Popular Categories