न्यूजीलैंड और कनाडा के साथ होने वाली है बड़ी ‘डील’: पीएम मोदी के विदेशी दौरे से पहले पीयूष गोयल ने बिछाई बिसात, जानें आम आदमी को क्या होगा फायदा?

New Delhi News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही न्यूजीलैंड की ऐतिहासिक यात्रा पर जाने वाले हैं। इस दौरे से भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को नई संजीवनी मिलने की उम्मीद है। विश्व व्यापार संगठन (WTO) की बैठक के दौरान वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के व्यापार मंत्री टॉड मैक्ले के बीच हुई बातचीत ने इस यात्रा का आधार तैयार कर दिया है। हालांकि तारीखों का आधिकारिक ऐलान अभी बाकी है, लेकिन दोनों देशों ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। इस यात्रा के दौरान एक बड़ा व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल भी प्रधानमंत्री के साथ जाएगा, जो आर्थिक रिश्तों को नई ऊंचाई पर ले जाएगा।

कीवी और सेब की खेती से बदलेगी किसानों की किस्मत

प्रधानमंत्री की इस यात्रा का असर सीधे तौर पर भारतीय खेतों तक पहुंचने वाला है। भारत और न्यूजीलैंड केवल व्यापारिक आंकड़ों पर ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक साझेदारी पर भी काम कर रहे हैं। चर्चा है कि न्यूजीलैंड के विशेषज्ञ भारतीय किसानों को कीवी और सेब की उन्नत खेती का प्रशिक्षण देंगे। यह पहल औपचारिक समझौतों से आगे बढ़कर कृषि और खेल जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे न केवल भारतीय फल बाजार को मजबूती मिलेगी, बल्कि किसानों की आय में भी इजाफा होने की संभावना है।

मई में कनाडा फतह करेंगे पीयूष गोयल

भारत अपनी व्यापार कूटनीति को केवल एक देश तक सीमित नहीं रख रहा है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल मई 2026 में कनाडा का महत्वपूर्ण दौरा करेंगे। इस दौरान वे भारत-कनाडा के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) और मुक्त व्यापार समझौते पर चर्चा करेंगे। हाल ही में उन्होंने कनाडा के अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू के साथ द्विपक्षीय बैठक की है। गोयल की यह यात्रा दोनों देशों के बीच व्यापारिक बर्फ पिघलाने और नई आर्थिक संभावनाओं को तलाशने के लिए बेहद अहम मानी जा रही है।

दवाइयों और शिक्षा के क्षेत्र में होगा बड़ा निवेश

कनाडा के साथ होने वाली बैठकों में केवल पारंपरिक व्यापार ही नहीं, बल्कि भविष्य की तकनीकों पर भी ध्यान दिया जा रहा है। पीयूष गोयल और कनाडाई मंत्री मनिंदर सिद्धू ने फार्मास्यूटिकल्स, जहाज निर्माण, पर्यटन और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है। इसके अलावा एयरोस्पेस, रक्षा और अंतरिक्ष जैसे उच्च-तकनीकी क्षेत्रों को शामिल करने के लिए एक विशेष व्यापार प्रतिनिधिमंडल भेजने का भी प्रस्ताव है। दोनों देश परमाणु ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में भी साथ मिलकर काम करने की संभावनाओं को तलाश रहे हैं।

WTO की बैठक में भारत ने मजबूती से रखा अपना पक्ष

विश्व व्यापार संगठन (WTO) की 14वीं मंत्री स्तरीय बैठक (MC-14) में भारत ने स्पष्ट कर दिया कि विकासशील देशों के हितों से समझौता नहीं होगा। भारत ने जोर दिया कि नए वैश्विक मुद्दों पर ध्यान देने से पहले पुराने वादों को पूरा किया जाना चाहिए, विशेषकर कृषि क्षेत्र में। भारत का मानना है कि WTO को अपने मूलभूत सिद्धांतों पर अडिग रहते हुए सर्वसम्मति से काम करना चाहिए। कनाडा ने भारत की इन चिंताओं का सम्मान किया है और रचनात्मक सहयोग जारी रखने का वादा किया है। यह भारत की बढ़ती वैश्विक व्यापारिक ताकत का ही परिणाम है कि विकसित देश अब उसकी चिंताओं को प्राथमिकता दे रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी और पीयूष गोयल के ये आगामी विदेशी दौरे भारत की आर्थिक संप्रभुता को और मजबूत करेंगे। इन समझौतों से न केवल विदेशी निवेश भारत आएगा, बल्कि भारतीय उत्पादों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार के दरवाजे भी खुलेंगे।

Hot this week

Related News

Popular Categories