लोकसभा में महिला आरक्षण: परिसीमन के बाद UP को 120, MP को 44, बिहार को 60 सीटें मिल सकती हैं

Lok Sabha News: केंद्र सरकार 2029 के लोकसभा चुनावों से पहले महिला आरक्षण को लागू करने की बड़ी तैयारी में जुटी है। संसद में परिसीमन और महिला आरक्षण बिल पेश होने की संभावना है। परिसीमन लागू होने के बाद लोकसभा की सीटों की संख्या 543 से बढ़कर करीब 816 हो सकती है। सरकार का लक्ष्य 2029 के चुनाव से पहले यह व्यवस्था लागू कर देना है, ताकि संसद में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।

महिला आरक्षण लागू करने की तैयारी

सरकार कीयोजना है कि लोकसभा की कुल सीटों में से एक-तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की जाएं। इसके लिए ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ में संशोधन लाने की तैयारी चल रही है। प्रस्तावित योजना के तहत लोकसभा सीटों में लगभग 50 फीसदी की वृद्धि हो सकती है। परिसीमन आयोग के माध्यम से नई सीटों का निर्धारण किया जाएगा, जिसमें जनसंख्या अनुपात को संतुलित रखने की कोशिश की जाएगी।

उत्तर प्रदेश को सबसे ज्यादा फायदा

सीटोंकी संख्या बढ़ने से बड़े राज्यों को खासा लाभ मिलने की संभावना है। उत्तर प्रदेश में 80 सीटों से बढ़कर 120 सीटें (+40) हो सकती हैं। महाराष्ट्र में 48 से 72 (+24), पश्चिम बंगाल में 42 से 63 (+21) और बिहार में 40 से 60 (+20) सीटें हो सकती हैं। मध्य प्रदेश को 29 से 44 (+15), राजस्थान को 25 से 38 (+13) और गुजरात को 26 से 39 (+13) सीटें मिल सकती हैं।

दक्षिण भारत के राज्यों को भी बढ़ोतरी

तमिलनाडुमें 39 से 59 (+20), कर्नाटक में 28 से 42 (+14), आंध्र प्रदेश में 25 से 38 (+13), केरल में 20 से 30 (+10) और तेलंगाना में 17 से 26 (+9) सीटें हो सकती हैं। दक्षिण भारत के राज्यों ने पहले जनसंख्या नियंत्रण के कारण सीटों में संभावित असंतुलन को लेकर चिंता जताई थी, लेकिन सरकार का दावा है कि किसी भी राज्य के प्रतिनिधित्व को कमजोर नहीं किया जाएगा।

SC/ST आरक्षण में भी वृद्धि

प्रस्ताव केतहत अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित सीटें 84 से बढ़कर 126 और अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए 47 से बढ़कर 70 तक की जा सकती हैं। इससे इन वर्गों का प्रतिनिधित्व और मजबूत होगा। पूर्वोत्तर राज्यों और छोटे राज्यों में भी सीटों में वृद्धि प्रस्तावित है।

संवैधानिक संशोधन और राजनीतिक सहमति जरूरी

इस पूरीयोजना को लागू करने के लिए संवैधानिक संशोधन आवश्यक होगा। सरकार सभी राजनीतिक दलों, सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों से सहमति बनाने की कोशिश कर रही है। मौजूदा कानून के अनुसार महिला आरक्षण 2027 की जनगणना के बाद लागू होना था, लेकिन संभावित देरी को देखते हुए सरकार अब 2011 की जनगणना के आधार पर ही परिसीमन कर महिला आरक्षण को समय से पहले लागू करने पर विचार कर रही है।

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