Himachal News: हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र की आज छठी बैठक होने जा रही है। मंगलवार का यह दिन सदन में काफी गहमागहमी भरा रहने वाला है। सत्र की शुरुआत प्रश्नकाल से होगी, जहां सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक के आसार हैं। विधायक अपने क्षेत्रों की समस्याओं के साथ-साथ सरकार की नीतियों पर भी सवाल दागेंगे। इसके बाद वित्त वर्ष 2026-27 के बजट अनुमानों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।
विपक्ष ने सरकार को घेरने की पूरी रणनीति तैयार कर ली है। आज सदन में पिछले तीन वर्षों के दौरान विज्ञापनों पर खर्च हुई भारी-भरकम राशि का मुद्दा गूंजेगा। विपक्ष सरकार से पाई-पाई का हिसाब मांगने की तैयारी में है। इसके अलावा लोकनिर्माण विभाग की टेंडर प्रक्रिया और प्रदेश की नई स्क्रैप नीति पर भी गंभीर सवाल उठाए जाएंगे।
प्रदेश में नशे की ओवरडोज से हो रही मौतों का मामला एक बार फिर सदन में गर्माएगा। विपक्ष लगातार बढ़ते ड्रग्स के मामलों को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहा है। सरकार से इस मुद्दे पर विस्तृत जवाब देने को कहा गया है। एचआरटीसी की बदहाल स्थिति और प्रधानमंत्री आवास योजना में देरी को लेकर भी चर्चा होने की संभावना है।
सरकारी संस्थानों के बिजली बिल और स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रहार
सदन में आज सरकारी बोर्डों और निगमों के लंबित बिजली बिलों का कच्चा चिट्ठा भी खुल सकता है। करोड़ों रुपये के बकाया बिलों को लेकर ऊर्जा विभाग की स्थिति स्पष्ट करने की मांग होगी। वहीं, स्वास्थ्य विभाग की चरमराती व्यवस्थाओं पर भी विधायक सरकार को कटघरे में खड़ा करेंगे। अस्पतालों में सुविधाओं की कमी और रिक्त पदों का मुद्दा आज केंद्र में रहेगा।
सचिवालय में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के खाली पड़े पदों को भरने की सुस्त रफ्तार पर भी बहस होगी। बेरोजगार युवाओं की नजरें आज फॉरेस्ट गार्ड भर्ती की ताजा स्थिति पर टिकी हैं। मंडी के बल्ह में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की कछुआ चाल भी सदन में चर्चा का विषय बनेगी। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की प्रगति रिपोर्ट पर सरकार को जवाब देना होगा।
दवाइयों के सैंपल फेल होने के मामलों ने प्रदेश की साख पर सवाल खड़े किए हैं। हिमाचल की फार्मा कंपनियों में बन रही दवाओं की गुणवत्ता पर आज सदन में विशेष चर्चा हो सकती है। आम जनता की सेहत से जुड़े इस गंभीर मामले पर विपक्ष सख्त कार्रवाई की मांग करेगा। बजट अनुमानों पर चर्चा के दौरान पक्ष-विपक्ष की ये आपत्तियां सदन के माहौल को गरमा सकती हैं।


