Himachal News: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में एक बार फिर तेज रफ्तार ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां छीन ली हैं। जोगिंद्रनगर के मुख्य बाजार में सोमवार शाम एक अनियंत्रित बाइक ने 71 साल के बुजुर्ग को इतनी जोरदार टक्कर मारी कि उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पठानकोट-मंडी नेशनल हाईवे पर हुआ यह हादसा बताता है कि सड़कों पर पैदल चलने वालों के लिए अब कोई जगह सुरक्षित नहीं रह गई है।
मृतक की पहचान कौंसल निवासी भूरी सिंह के रूप में हुई है। चश्मदीदों के मुताबिक, शाम करीब 4:00 बजे भूरी सिंह मंदिर रोड लिंक के पास सावधानी से सड़क पार कर रहे थे। इसी बीच पठानकोट चौक की तरफ से आ रही एक तेज रफ्तार बाइक उन्हें टक्कर मारते हुए निकल गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बुजुर्ग सड़क पर ही लहूलुहान होकर गिर पड़े और चीख-पुकार मच गई।
स्थानीय लोगों ने इंसानियत दिखाते हुए तुरंत घायल बुजुर्ग को जोगिंद्रनगर नागरिक अस्पताल पहुंचाया। वहां मौजूद डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की हरसंभव कोशिश की, लेकिन चोटें इतनी गंभीर थीं कि उन्हें मृत घोषित करना पड़ा। हादसे की खबर मिलते ही पुलिस टीम ने अस्पताल पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और जांच शुरू की।
लापरवाह ड्राइवर और सिस्टम की सुस्ती
पुलिस ने इस मामले में बाइक चालक शिवम के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। आरोपी ढेलू गांव का रहने वाला बताया जा रहा है। मंडी के एसपी विनोद कुमार ने आधिकारिक तौर पर मामले की पुष्टि की है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या चालक नशे में था या फिर सिर्फ ओवरस्पीडिंग ने ही एक बुजुर्ग की जान ले ली।
पठानकोट-मंडी नेशनल हाईवे पर इस तरह के हादसे अब आम होते जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बाजार क्षेत्र होने के बावजूद यहां वाहनों की गति पर कोई लगाम नहीं है। सड़कों पर बढ़ता अतिक्रमण और रईसजादों की स्टंटबाजी आम राहगीरों के लिए काल बन रही है। आखिर कब तक बेगुनाह लोग सड़कों पर दम तोड़ते रहेंगे?
जोगिंद्रनगर बाजार में हुई इस घटना ने सुरक्षा इंतजामों की पोल खोल दी है। हाईवे के संकरे मोड़ों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पुलिस की गश्त और स्पीड ब्रेकर की कमी अक्सर ऐसे हादसों को न्योता देती है। भूरी सिंह तो चले गए, लेकिन पीछे छोड़ गए हैं कई अनुत्तरित सवाल। क्या हमारा प्रशासन अब भी नींद से जागेगा या एक और हादसे का इंतजार करेगा?


