Himachal News: बॉलीवुड अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। किसान आंदोलन के दौरान एक बुजुर्ग महिला पर की गई उनकी टिप्पणी का मामला अब तूल पकड़ चुका है। बठिंडा की अदालत में इस चर्चित मानहानि मामले की सुनवाई 7 अप्रैल को तय की गई है। इस अहम सुनवाई पर अब पूरे देश की नजरें टिक गई हैं।
क्या है पूरा मानहानि का विवाद?
यह पूरा विवाद दिल्ली में हुए किसान आंदोलन के समय का है। कंगना रनौत ने सोशल मीडिया पर एक ट्वीट किया था। उन्होंने बठिंडा के बहादुरगढ़ जंडियां गांव की रहने वाली बुजुर्ग महिंदर कौर की तस्वीर साझा की थी। कंगना ने उन्हें शाहीन बाग वाली ‘बिलकिस दादी’ बताया था। उन्होंने दावा किया था कि ये महिलाएं 100-100 रुपये दिहाड़ी लेकर प्रदर्शन में आती हैं। इस बयान से भारी आक्रोश फैल गया था।
बुजुर्ग महिला ने खटखटाया था अदालत का दरवाजा
कंगना के इस आपत्तिजनक दावे के बाद भारी बवाल हुआ था। बुजुर्ग महिंदर कौर के सम्मान को गहरी ठेस पहुंची थी। उन्होंने अपने वकील के माध्यम से बठिंडा की अदालत में मानहानि का मुकदमा दायर किया था। बुजुर्ग महिला ने स्पष्ट किया था कि वह एक किसान परिवार से हैं और अपने हक के लिए धरने पर गई थीं। उन्होंने कंगना के दावों को झूठा बताते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की थी।
7 अप्रैल की अदालत की सुनवाई है अहम
बठिंडा की अदालत ने इस मामले को काफी गंभीरता से लिया है। कोर्ट कंगना रनौत को पहले भी समन भेज चुकी है। अब इस केस की अगली अहम सुनवाई 7 अप्रैल को होनी है। यह देखना दिलचस्प होगा कि कंगना अदालत में पेश होती हैं या उनके वकील कोई नई कानूनी दलील देते हैं। अदालत का यह रुख तय करेगा कि कंगना को इस मामले में राहत मिलती है या उनकी कानूनी परेशानियां और बढ़ेंगी।


