देवभूमि में कुदरत का कहर! ऑरेंज अलर्ट के बीच फटा आसमान, बिजली-पानी गुल, जनजीवन बेपटरी

Dehradun News: उत्तराखंड में कुदरत के तल्ख तेवरों ने देवभूमि के जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। पहाड़ से लेकर मैदान तक भारी बारिश, ओलावृष्टि और तूफानी हवाओं के कारण भारी तबाही का मंजर है। राजधानी देहरादून समेत सात जिलों में मौसम विभाग ने ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। अंधड़ की वजह से कई जगहों पर बिजली के पोल उखड़ गए हैं और पेयजल आपूर्ति ठप हो गई है। खड़ी फसलों को भी इस बेमौसम बारिश ने भारी नुकसान पहुंचाया है, जिससे किसान बेहाल हैं।

चमोली से लेकर पौड़ी तक मची तबाही

रविवार को प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में जमकर बारिश और निचले क्षेत्रों में भारी ओलावृष्टि दर्ज की गई। चमोली जिले के बदरीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब में मौसम का मिजाज काफी सख्त रहा। वहीं पौड़ी जिले में तेज आंधी के कारण पेड़ गिरने से कई संपत्तियां क्षतिग्रस्त हुई हैं। श्रीनगर गढ़वाल में सुरक्षा के लिहाज से राफ्टिंग और मोटर बोट का संचालन रोक दिया गया है। नदियों का जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने लोगों को किनारों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी है।

कुमाऊं में अंधड़ से बिजली और रास्ते ठप

कुमाऊं मंडल में भी शनिवार रात से शुरू हुआ बारिश का दौर रविवार तक जारी रहा। बागेश्वर और अल्मोड़ा में 33 केवी विद्युत लाइनों पर पेड़ गिरने से कई घंटों तक अंधेरा छाया रहा। भूस्खलन के कारण सानिउडयार-कुचौली-मलसूना मार्ग पूरी तरह बंद हो गया, जिससे श्रद्धालुओं को कई किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ा। कई स्कूलों की छतें उड़ने और शादी के टेंट तबाह होने की खबरें भी सामने आई हैं। बारिश के चलते तापमान में 5 से 8 डिग्री तक की भारी गिरावट आई है।

अगले 48 घंटे बेहद संवेदनशील: ऑरेंज अलर्ट जारी

मौसम विज्ञान केंद्र ने देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल और हरिद्वार समेत सात जिलों के लिए अगले दो दिनों का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वैज्ञानिकों के अनुसार, 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं और आकाशीय बिजली गिरने का भी खतरा है। 4000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने चारधाम यात्रियों से अपील की है कि वे मौसम की सटीक जानकारी लेने के बाद ही अपनी यात्रा को आगे बढ़ाएं।

तापमान में भारी गिरावट, ठिठुरा उत्तराखंड

बारिश और ओलावृष्टि के कारण मई के महीने में भी लोगों को ठंड का एहसास होने लगा है। देहरादून का अधिकतम तापमान गिरकर 29.4 डिग्री सेल्सियस पर आ गया है, जबकि नई टिहरी में यह महज 18.0 डिग्री दर्ज किया गया है। मुक्तेश्वर जैसे पहाड़ी इलाकों में न्यूनतम तापमान 9.1 डिग्री तक लुढ़क गया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अभी दो दिनों तक राहत की उम्मीद कम है। स्थानीय प्रशासन ने सभी जिलाधिकारियों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।

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