लखनऊ में मचेगी तबाही! गैस सिलिंडर और ट्रेनों को उड़ाने की थी साजिश, UP ATS ने दबोचे पाकिस्तान के ‘मोहरे’

Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश में आतंक की एक बड़ी साजिश को एटीएस (ATS) ने नाकाम कर दिया है। लखनऊ सहित कई शहरों में आगजनी और विस्फोट करने की योजना बना रहे चार संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया गया है। एटीएस की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि ये आरोपी सीधे तौर पर पाकिस्तान स्थित हैंडलरों के संपर्क में थे। ये लोग टेलीग्राम और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर देश में अशांति फैलाने की फिराक में थे। समय रहते हुई इस कार्रवाई ने राजधानी लखनऊ को दहलाने की साजिश को फेल कर दिया है।

ज्वलनशील पदार्थ और मोबाइल के साथ साकिब गैंग गिरफ्तार

एटीएस ने जिन चार आरोपियों को दबोचा है, उनकी पहचान साकिब, विकास, लोकेश और अरबाब के रूप में हुई है। इनके पास से भारी मात्रा में ज्वलनशील पदार्थ, सात स्मार्ट फोन, 24 भड़काऊ पंपलेट और कई फर्जी आधार कार्ड मिले हैं। शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि यह गिरोह पहले भी कुछ छोटी आगजनी की वारदातों को अंजाम दे चुका है। ये आरोपी अब कुछ बड़ा करने की तैयारी में थे, जिसके लिए उन्हें पाकिस्तान से निर्देश मिल रहे थे।

लखनऊ रेलवे स्टेशन पर धमाके और आगजनी की थी तैयारी

जांच एजेंसियों के मुताबिक, इन आतंकियों का मकसद गैस सिलिंडर और ट्रकों में आग लगाकर पूरे देश में दहशत फैलाना था। इनका सबसे बड़ा निशाना लखनऊ रेलवे स्टेशन के आसपास की रेलवे संपत्तियां थीं। ये लोग गैस सिलिंडरों में आग लगाकर बड़े धमाके करने वाले थे। एटीएस ने इनके डिजिटल फुटप्रिंट्स खंगाले हैं, जिनसे पता चला है कि मुख्य ठिकानों की रेकी भी पूरी कर ली गई थी।

वीडियो बनाकर पाकिस्तान भेजो और QR कोड से लो पैसे

इस गिरोह का काम करने का तरीका बेहद शातिर था। ये आरोपी जब भी कहीं आगजनी करते, उसका वीडियो बनाकर तुरंत पाकिस्तान भेज देते थे। इसके बदले में पाकिस्तानी हैंडलर इन्हें क्यूआर (QR) कोड के जरिए पैसे भेजते थे। इस फंडिंग का इस्तेमाल नए लड़कों को जोड़ने और रसद जुटाने में किया जा रहा था। मुख्य आरोपी साकिब खुद को सोशल मीडिया पर ‘डेविल’ कहता था और इसी नाम से युवाओं को गुमराह कर इस खूनी खेल में शामिल कर रहा था।

सोशल मीडिया बना आतंक का नया अड्डा

एटीएस का कहना है कि साकिब उर्फ डेविल इंस्टाग्राम और टेलीग्राम के जरिए कट्टरपंथी विचारधारा फैला रहा था। उसने अपने साथियों को देश के कई संवेदनशील और अहम स्थानों की गोपनीय जानकारी भी शेयर की थी। एटीएस अब साकिब के मोबाइल डेटा की गहराई से जांच कर रही है ताकि इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों को भी पकड़ा जा सके। आने वाले दिनों में कुछ और गिरफ्तारियां होने की पूरी संभावना है।

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