Himachal News: हिमाचल प्रदेश के शिमला में पुलिस ने नशे के खिलाफ बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है। पुलिस ने चिड़गांव इलाके में चिट्टा (हेरोइन) तस्करी के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस कार्रवाई में तीन शातिर तस्करों को गिरफ्तार किया है। एक छोटे तस्कर की गिरफ्तारी के बाद पुलिस मास्टरमाइंड सप्लायरों तक पहुंच गई है। पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई से ड्रग्स माफियाओं की जड़ें पूरी तरह हिल गई हैं।
मुखबिर की पक्की सूचना पर बिछाया गया जाल
पुलिस को 12 मार्च 2026 को एक बहुत अहम गुप्त सूचना मिली थी। पुलिस ने इस सूचना पर चिड़गांव के बडियारा इलाके में अचानक दबिश दी। पुलिस ने यहां सुंधा भौंडा गांव के ललित कुमार उर्फ बनी को पकड़ लिया। पुलिस ने ललित के पास से लगभग छह ग्राम हेरोइन बरामद की। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 के तहत तुरंत मामला दर्ज कर लिया। फिलहाल आरोपी ललित न्यायिक हिरासत में जेल की हवा खा रहा है।
बैकवर्ड लिंक खंगालने पर बेनकाब हुए मुख्य सप्लायर
ललित की गिरफ्तारी के बाद शिमला पुलिस बिल्कुल शांत नहीं बैठी। पुलिस ने इस काले कारोबार के बैकवर्ड लिंक खंगालने तेज कर दिए। पुलिस को अपनी तफ्तीश में दो बड़े सप्लायरों का सुराग मिला। पुलिस ने 28 मार्च को रोहड़ू के बरटू गांव में बड़ी छापेमारी की। पुलिस ने यहां से 43 वर्षीय शिशु पाल और 31 वर्षीय रवि चौहान को धर दबोचा। ये दोनों शातिर तस्कर पूरे इलाके में नशे की खेप पहुंचाते थे।
एसएसपी गौरव सिंह ने दी तस्करों को कड़ी चेतावनी
शिमला के एसएसपी गौरव सिंह ने इस बड़ी कार्रवाई की पूरी जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने दोनों सप्लायरों पर एनडीपीएस एक्ट की धारा 29 लगाई है। पुलिस अब इन सभी आरोपियों से बहुत कड़ी पूछताछ कर रही है। पुलिस इस पूरे सिंडिकेट से जुड़े अन्य लोगों की भी सरगर्मी से तलाश कर रही है। युवाओं की रगों में जहर घोलने वालों को पुलिस किसी भी कीमत पर नहीं बख्शेगी।


