Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश में मेट्रो के सफर की पूरी तस्वीर अब बदलने वाली है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की मेट्रो परियोजनाओं की रफ्तार को लेकर सख्त हिदायत दी है। उन्होंने साफ कहा है कि मेट्रो का काम तय समय और पूरी गुणवत्ता के साथ खत्म होना चाहिए। सरकार का इरादा यूपी को आधुनिक और विश्वस्तरीय परिवहन व्यवस्था में सबसे आगे खड़ा करना है। इस दिशा में निर्माण से लेकर संचालन तक हर स्तर पर पूरी पारदर्शिता बरती जाएगी।
मुख्यमंत्री ने माना है कि मेट्रो महज लोहे की पटरियों पर दौड़ती एक रेलगाड़ी नहीं है। उनके मुताबिक यह शहरों की अर्थव्यवस्था को दौड़ाने और बड़ा निवेश लाने का एक मजबूत जरिया है। उन्होंने बड़े अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि मेट्रो को आर्थिक रूप से अपने पैरों पर खड़ा किया जाए। इसके लिए कमाई के नए और ठोस रास्ते तलाशे जाने चाहिए।
अब स्टेशनों और मेट्रो परिसरों में व्यावसायिक गतिविधियों को काफी ज्यादा बढ़ावा दिया जाएगा। इनमें मल्टीलेवल पार्किंग, रिटेल दुकानें, शानदार फूड कोर्ट और आधुनिक ऑफिस स्पेस शामिल हैं। विज्ञापन और डिजिटल ब्रांडिंग के जरिए भी मेट्रो की आय बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। मेट्रो की खाली जमीन का सही और पूरा इस्तेमाल सुनिश्चित किया जाएगा ताकि राजस्व बढ़ सके।
लास्ट माइल कनेक्टिविटी से सफर होगा बेहद आसान
यात्रियों को अपने घर से स्टेशन और स्टेशन से दफ्तर तक पहुंचने में कोई परेशानी न हो। इसके लिए लास्ट माइल कनेक्टिविटी को सबसे बड़ी प्राथमिकता दी जा रही है। मेट्रो स्टेशनों को सीधे सिटी बस, ई-रिक्शा और टैक्सी सेवाओं के साथ जोड़ा जा रहा है। ऐप आधारित कैब सेवाएं भी स्टेशनों पर यात्रियों के लिए आसानी से उपलब्ध रहेंगी।
राजधानी लखनऊ, कानपुर और आगरा में चल रहे मेट्रो के काम की बारीकी से समीक्षा की गई है। लखनऊ में करीब 23 किलोमीटर का मुख्य कॉरिडोर अभी पूरी रफ्तार से चल रहा है। अब पुराने लखनऊ को जोड़ने के लिए चारबाग से वसंत कुंज तक नए कॉरिडोर का काम तेज होगा। इस 11.16 किलोमीटर लंबे हिस्से को साल 2030 तक पूरा करने का बड़ा लक्ष्य है।
कानपुर मेट्रो के कुल 32.4 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर पर काम दिन-रात जोरों पर है। वहां 15 किलोमीटर के हिस्से पर ट्रेनें दौड़ने लगी हैं। बाकी बचे काम को मार्च 2027 तक हर हाल में पूरा किया जाना है। वहीं आगरा में करीब 6.5 किलोमीटर का प्राथमिक हिस्सा शुरू हो चुका है। आगरा के पहले कॉरिडोर को जून 2026 तक पूरा करने की योजना है।
हर दिन बढ़ती जा रही है मेट्रो यात्रियों की संख्या
लखनऊ, कानपुर और आगरा में हर दिन हजारों लोग मेट्रो के सफर का आनंद ले रहे हैं। इससे शहरों की सड़कों पर ट्रैफिक का भारी दबाव काफी हद तक कम हो गया है। जाम से निजात मिलने के साथ लोगों के कीमती समय की भी बचत हो रही है। मेट्रो ने अपनी गैर-भाड़ा आय में भी अच्छी खासी बढ़ोतरी दर्ज की है। साल 2024-25 में मेट्रो ने करीब 222 करोड़ रुपये की शानदार कमाई की है।
मुख्यमंत्री योगी ने सभी प्रोजेक्ट्स की लगातार मॉनिटरिंग करने के सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से साफ कहा है कि तकनीकी गुणवत्ता से कोई भी समझौता बर्दाश्त नहीं होगा। सभी बड़े कामों में पूरी तरह से पारदर्शिता होनी चाहिए। नई और आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल करके काम को और भी ज्यादा असरदार बनाने पर जोर दिया गया है।
आम जनता को एक बेहतर, सुरक्षित और समय पर परिवहन सुविधा देना सरकार का मुख्य लक्ष्य है। इसके लिए मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन और बाकी सभी संबंधित विभागों के बीच लगातार बैठकें होती रहेंगी। सरकार का यह कदम प्रदेश के शहरी विकास की कहानी में एक नया अध्याय लिखेगा। उम्मीद है कि आने वाले सालों में यूपी के शहर और भी ज्यादा स्मार्ट बन जाएंगे।


