Himachal News: हिमाचल प्रदेश की विधानसभा से श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने राज्य के मंदिरों को लेकर एक ऐतिहासिक घोषणा की है। सरकार अब प्रदेश के सभी प्रमुख शक्तिपीठों का पूरा स्वरूप बदलने जा रही है। इसके लिए एक बेहद खास मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। इस योजना का मुख्य मकसद देवभूमि में धार्मिक पर्यटन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान दिलाना है।
सभी प्रमुख शक्तिपीठों का होगा भव्य कायाकल्प
हिमाचल प्रदेश को पूरी दुनिया में देवभूमि के नाम से जाना जाता है। यहाँ हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु माता के दरबार में शीश नवाने आते हैं। मुख्यमंत्री सुक्खू ने विधानसभा सत्र के दौरान स्पष्ट किया कि सरकार इन मंदिरों के विकास को लेकर गंभीर है। जल्द ही प्रदेश के सभी शक्तिपीठों के सौंदर्यीकरण का काम बड़े पैमाने पर शुरू होगा। सरकार का मुख्य लक्ष्य मंदिरों को आधुनिक सुविधाओं और भव्यता के साथ विकसित करना है। इससे श्रद्धालुओं को बेहतरीन अनुभव मिलेगा।
धार्मिक पर्यटन से मिलेगी अर्थव्यवस्था को रफ्तार
इस नए मास्टर प्लान का सीधा फायदा राज्य की आर्थिकी को भी मिलेगा। धार्मिक पर्यटन के विस्तार से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के कई नए दरवाजे खुलेंगे। सरकार यह तय कर रही है कि मंदिरों का चढ़ावा सीधा मंदिरों के विकास में ही लगे। सरकार आस्था और पर्यटन के बीच एक शानदार संतुलन स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इस मास्टर प्लान के पूरी तरह से लागू होने के बाद हिमाचल प्रदेश पर्यटन के क्षेत्र में एक बड़ा मुकाम हासिल करेगा।
श्रद्धालुओं के लिए खड़ी होंगी विश्वस्तरीय सुविधाएं
नवरात्रों और मेलों के दौरान शक्तिपीठों पर भारी भीड़ देखने को मिलती है। कई बार अव्यवस्था के कारण श्रद्धालुओं को खासी परेशानी होती है। इस नए मास्टर प्लान के तहत इन सभी पुरानी समस्याओं को जड़ से खत्म किया जाएगा। पार्किंग, साफ-सफाई, ठहरने की सुरक्षित व्यवस्था और बुनियादी ढांचे पर विशेष जोर दिया जा रहा है। सरकार चाहती है कि माता के दर्शन करने आने वाला हर एक भक्त एक सुखद अनुभव लेकर अपने घर लौटे।


