West Bengal News: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने भारतीय जनता पार्टी की राजनीतिक सोच को आगे बढ़ाने के लिए सामूहिक नेतृत्व पर जोर दिया है। रविवार को कोलकाता के न्यू टाउन में आयोजित विशेष प्रशिक्षण शिविर में उन्होंने कार्यकर्ताओं को नया मूलमंत्र दिया। मुख्यमंत्री ने सभी पार्टी पदाधिकारियों से ‘मैं नहीं, हम’ के सिद्धांत पर काम करने की अपील की है।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने साफ कहा कि वह टीम वर्क में विश्वास रखते हैं। वह चाहते हैं कि राज्य में संगठन का हर कार्यकर्ता सबको साथ लेकर चलने की नीति को आगे बढ़ाए। उन्होंने प्रशासनिक व्यवस्था पर बात करते हुए दावा किया कि कुछ सरकारी अधिकारियों का एक वर्ग नई नीतियों को लेकर नकारात्मक सोच रखता है।
नकारात्मक सोच वाले सरकारी अफसरों को सुधारने की चेतावनी
शुभेंदु अधिकारी ने कड़े लहजे में कहा कि जनहित की नीतियों को समाज के सबसे निचले स्तर तक पहुंचाना सरकार की मुख्य प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि काम में बाधा डालने वाले और नकारात्मक रवैया रखने वाले लोगों को समय रहते खुद को पूरी तरह सुधारना होगा।
मुख्यमंत्री ने विधानसभा चुनावों के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के चुनावी अभियान को याद किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस शासन में जनता की बदहाली और सत्ता बदलने पर होने वाले विकास का रोडमैप दिखाया था। अब मुख्यमंत्री के रूप में इन सभी जन-अपेक्षाओं को पूरा करने की पूरी जिम्मेदारी उनके कंधों पर है।
विपक्ष के लंबे शासन के बाद मिलकर काम करने की चुनौती
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य ने वाम मोर्चे का 34 साल और तृणमूल कांग्रेस का 15 साल का लंबा शासन देखा है। अब बीजेपी के संगठन और जनप्रतिनिधियों को मिलकर काम करना होगा। वे जनता के बीच जाकर पार्टी की विचारधारा को मजबूत करें और प्रधानमंत्री द्वारा दी गईं सभी प्रमुख गारंटी को समय पर पूरा करें।
स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार के लिए मुख्यमंत्री ने एक बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। केंद्र सरकार की तर्ज पर अब पश्चिम बंगाल में भी आयुष का एक बिल्कुल अलग विभाग बनेगा। इस नए विभाग के गठन से राज्य के नागरिकों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिलेंगी और स्वास्थ्य सेवाओं का तेजी से विस्तार होगा।
राजनैतिक हिंसा में जान गंवाने वाले परिवारों को मिलेगी आर्थिक मदद
मुख्यमंत्री ने एक अत्यंत संवेदनशील घोषणा करते हुए कहा कि राज्य में राजनैतिक हिंसा के कारण जान गंवाने वाले 315 बीजेपी कार्यकर्ताओं के परिजनों को सरकारी नौकरी दी जाएगी। सरकार ने अपनी कैबिनेट की पहली बैठक में ही इस संबंध में एक विशेष शोक प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित कर दिया था।
शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि सरकार इन पीड़ित परिवारों की पूरी वित्तीय जिम्मेदारी उठाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसके पहले चरण के तहत मुख्यमंत्री राहत कोष से प्रत्येक प्रभावित परिवार को पांच-पांच लाख रुपये की एकमुश्त अनुग्रह राशि दी जाएगी। इस फैसले से पीड़ित परिवारों को बहुत बड़ा संबल मिलेगा।
Author: Sourav Banerjee


