Ludhiana News: पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष और सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग सोमवार को पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (PAU) पहुंचे। वहां उन्होंने कृषि संबंधी संसदीय स्थायी समिति के सम्मानित सदस्यों से मुलाकात की और विश्वविद्यालय के विकास और अनुसंधान गतिविधियों को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण ज्ञापन सौंपा।
इस आधिकारिक दौरे के दौरान राजा वड़िंग ने केंद्र सरकार से विश्वविद्यालय के लिए वित्तीय सहायता बढ़ाने की पुरजोर मांग की। हालांकि इस शैक्षणिक दौरे के बीच वहां हुई तीखी राजनीतिक बयानबाजी भी दिनभर चर्चा का बड़ा विषय बनी रही, जिसने राज्य का सियासी पारा पूरी तरह गरमा दिया है।
विश्वविद्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार के बाहर पत्रकारों से औपचारिक बातचीत करते हुए वड़िंग ने कहा कि पंजाब इस समय बेरोजगारी, नशा, किसानों की गंभीर समस्याएं और चरमराती कानून-व्यवस्था जैसे बेहद संवेदनशील मुद्दों से जूझ रहा है। लेकिन इन गंभीर मुद्दों पर ध्यान देने के बजाय सिर्फ बयानबाजी हो रही है।
केंद्रीय मंत्री रवनीत बिट्टू से पूछे तीखे सवाल
उन्होंने देश के नए केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू का नाम लिए बिना उन पर जमकर निशाना साधा। वड़िंग ने कहा कि एक केंद्रीय मंत्री को अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियों पर विशेष ध्यान देना चाहिए और मीडिया में अनावश्यक या विवादित बयान देने से पूरी तरह बचना चाहिए।
संसदीय क्षेत्र के नेता वड़िंग ने सवाल उठाया कि केंद्र सरकार में बड़ा मंत्री बनने के बाद पंजाब के युवाओं के लिए क्या ठोस काम किए गए हैं। उन्होंने पूछा कि पिछले दो वर्षों के भीतर अकेले रेलवे विभाग में पंजाब के कितने स्थानीय युवाओं को सरकारी रोजगार मिला है।
उन्होंने यह भी जानना चाहा कि राज्य के भीतर रेलवे के बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में कौन-कौन सी नई विकास परियोजनाएं शुरू हुई हैं और कितनी नई रेल लाइनें बिछाई गई हैं। इन सवालों के जरिए उन्होंने सीधे तौर पर केंद्र सरकार की नीतियों को कटघरे में खड़ा किया।
सीएम भगवंत मान और कानून-व्यवस्था पर घेरा
सूबे के मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी की सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए वड़िंग ने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था की मौजूदा स्थिति अत्यंत चिंताजनक बनी हुई है। उन्होंने दावा किया कि राज्य में आए दिन सरेआम लूट, हत्या और अन्य आपराधिक घटनाएं सामने आ रही हैं।
इन आपराधिक वारदातों के कारण पंजाब के आम लोगों में असुरक्षा की भावना लगातार बढ़ रही है। उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार का नशे के खिलाफ चलाया जा रहा ढोल-नगाड़ों वाला अभियान भी जमीनी स्तर पर कोई अपेक्षित या सकारात्मक परिणाम नहीं दे पाया है और समस्या जस की तस है।
पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा कांग्रेस नेता राहुल गांधी की हाल ही में की गई प्रशंसा संबंधी सवाल पर वड़िंग ने तीखा रुख अपनाया। उन्होंने पूछा कि यदि कांग्रेस अच्छी पार्टी नहीं थी, तो कैप्टन ने उसे छोड़ने और नई राह चुनने का निर्णय क्यों लिया था।
कैप्टन अमरिंदर को याद दिलाया पुराना दौर
वड़िंग ने कैप्टन को याद दिलाया कि कांग्रेस पार्टी ने उन्हें प्रदेश अध्यक्ष और मुख्यमंत्री जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण और गरिमामय पद दिए थे। वड़िंग का मानना था कि यदि उस समय सभी बड़े नेता एकजुट रहते, तो पंजाब में निश्चित रूप से दोबारा कांग्रेस की मजबूत सरकार बन सकती थी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक लोकतांत्रिक पार्टी है।
आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर कांग्रेस की भावी रणनीति पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार, सरकारी कर्मचारियों की लंबित समस्याओं, किसानों के ज्वलंत मुद्दों और युवाओं के रोजगार जैसे गंभीर विषयों को लेकर बेहद प्रमुखता के साथ जनता के बीच जाएगी।
कांग्रेस इन्हीं बुनियादी मुद्दों को लेकर सीधे जनता की अदालत में जाएगी और राज्य सरकार की विफल नीतियों को लेकर आम लोगों से सघन संवाद करेगी। उन्होंने पूरे विश्वास के साथ दावा किया कि पंजाब की जनता अब बदलाव चाहती है और कांग्रेस मजबूत विकल्प बनेगी।
Author: Gurpreet Singh


