Bihar News: बिहार में वीआईपी बंगलों को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) अब पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी का सरकारी आवास खाली करने के लिए तैयार हो गई है। लेकिन इसके लिए पार्टी ने सरकार के सामने एक बड़ी और बेहद दिलचस्प शर्त रख दी है।
आरजेडी के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने मीडिया से बातचीत में बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी का मौजूदा कार्यकाल साल 2030 में समाप्त होगा। जैसे ही उनका यह कार्यकाल खत्म होगा, पार्टी एक सेकेंड की भी देरी किए बिना हवाई चप्पल पहनकर सरकारी आवास खाली कर देगी।
बंगला आवंटन पर आरजेडी ने उठाए गंभीर सवाल
शक्ति यादव ने इस दौरान बंगला आवंटन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि 10 सर्कुलर रोड वाला आवास पूरी तरह राबड़ी देवी को आवंटित था। सरकार ने जिस मंत्री को अब यह बंगला दिया है, उनके पास पहले से ही दूसरा आवास मौजूद था। सरकार ने जानबूझकर विवाद पैदा किया है।
नीतीश कुमार के सरकारी आवास पर तीखा हमला
आरजेडी प्रवक्ता ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को मिले सरकारी बंगले पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने तीखे लहजे में पूछा कि नीतीश कुमार को आखिर सात नंबर बंगले से इतना ज्यादा मोह क्यों है? वह मुख्यमंत्री पद पर रहें या न रहें, इस खास बंगले को अपने पास ही क्यों रखते हैं?
शक्ति यादव ने तंज कसते हुए आगे पूछा कि क्या उस बंगले में कोई गुप्त तहखाना है? क्या वहां भ्रष्टाचार के जरिए बनाई गई कोई बड़ी बेनामी संपत्ति छिपी है? उन्होंने कहा कि लालू यादव और राबड़ी देवी को भी जेड श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई थी, लेकिन तब उन्हें ऐसा आवास नहीं मिला।
जनता मालिक है और सरकार किसी की बपौती नहीं
आरजेडी नेता ने साफ किया कि पार्टी को राबड़ी आवास से न तो कोई मोह है और न ही ममता। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि सरकार किसी की बपौती नहीं होती है। लोकतंत्र में जनता ही असली मालिक होती है और वही तय करती है कि विपक्ष की कुर्सी पर कौन बैठेगा।
आरजेडी ने भले ही कार्यकाल का हवाला देकर साल 2030 तक का समय मांगा है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ गई है। अब देखना दिलचस्प होगा कि बिहार की मौजूदा सम्राट सरकार आरजेडी की इस नई और अनोखी शर्त पर क्या कड़ा रुख अपनाती है।
Author: Harikarishan Sharma


