Kashmir News: पिछले साल अप्रैल में पहलगाम में हुए भयावह आतंकी हमले को लेकर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने अपनी विस्तृत चार्जशीट दाखिल कर दी है। इस चार्जशीट में स्थानीय गाइडों की संदिग्ध भूमिका और पाकिस्तान से रची गई साजिश के कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। इस हमले में 26 निर्दोष पर्यटकों की जान चली गई थी।
जांच एजेंसी के मुताबिक, अगर परवेज और बशीर अहमद नामक स्थानीय गाइडों ने समय रहते सुरक्षा एजेंसियों को सूचना दी होती, तो इस त्रासदी को टाला जा सकता था। चार्जशीट में उन पर आतंकियों को पनाह देने, उन्हें भोजन उपलब्ध कराने और इलाके की सामरिक जानकारी साझा करने का गंभीर आरोप लगाया गया है।
आतंकियों को दिया गया था सुरक्षित ठिकाना
NIA की रिपोर्ट के अनुसार, 21 अप्रैल 2025 को तीन आतंकी – फैजल जट्ट, हबीब ताहिर और हमजा अफगानी – पहलगाम के बैसरन घाटी में देखे गए थे। बशीर अहमद ने उन्हें पहचान लिया था, लेकिन इसके बावजूद उन्हें परवेज की झोपड़ी तक पहुंचाया। वहां आतंकियों ने पांच घंटे तक रुककर अमरनाथ यात्रा और सेना की हलचल पर अहम जानकारियां जुटाईं।
आरोप है कि बदले में आतंकियों ने गाइडों को पैसे दिए और जरूरी रसद भी साथ ले गए। अगले दिन, 22 अप्रैल को हमले के दौरान भी ये गाइड उसी इलाके में मौजूद थे। उन्होंने आतंकियों को देखा, लेकिन सुरक्षाबलों को कोई सूचना नहीं दी, जो उनकी मिलीभगत को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।
साजिश का मास्टरमाइंड और पाकिस्तान का कनेक्शन
चार्जशीट में लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और उसकी छद्म इकाई ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) का नाम मुख्य रूप से आया है। हमले का मास्टरमाइंड पाकिस्तान स्थित सैफुल्ला उर्फ साजिद जट्ट को बताया गया है। NIA के पास तकनीकी और मानवीय खुफिया सबूत हैं, जो साबित करते हैं कि हमले का निर्देशन सीधे पाकिस्तान से किया जा रहा था।
घटना में इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन और तकनीकी उपकरणों की फॉरेंसिक जांच से यह स्पष्ट हो गया है कि वे पाकिस्तान में खरीदे और वितरित किए गए थे। एजेंसी ने अपनी जांच में इस बात पर भी जोर दिया है कि हमले के बाद इसे एक ‘फॉल्स फ्लैग’ ऑपरेशन दिखाने के लिए सोशल मीडिया पर झूठा दुष्प्रचार किया गया था।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस खुलासे के बाद कश्मीर के पर्यटन क्षेत्र में सक्रिय स्थानीय नेटवर्क पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह एक बड़ी चुनौती है कि कैसे स्थानीय लोगों को आतंकियों के बहकावे या लालच में आने से रोका जाए। फिलहाल, सभी आरोपी कानून की गिरफ्त में हैं और उन पर भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने की धाराएं भी लगाई गई हैं।
यह चार्जशीट 2025 की उस दर्दनाक घटना के पीड़ितों को न्याय दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हमले की बरसी पर दोहराया है कि भारत आतंकवाद के किसी भी रूप के सामने नहीं झुकेगा और दोषियों को उनके किए की सजा जरूर मिलेगी।
Author: Ajay Mishra


