Canada News: कनाडा की सुरक्षा खुफिया एजेंसी ने खालिस्तानी उग्रवाद को लेकर एक बहुत सख्त बयान दिया है। एजेंसी ने एक मई 2026 को अपनी नई सार्वजनिक रिपोर्ट 2025 जारी की है। इस अहम रिपोर्ट में पहली बार बहुत साफ तौर पर बड़ी बात कही गई है। रिपोर्ट के अनुसार कनाडा में सक्रिय कुछ खालिस्तानी उग्रवादी नेटवर्क अब देश की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बहुत बड़ा खतरा बन चुके हैं। यह कनाडाई हितों के लिए भी काफी नुकसानदायक साबित हो रहा है।
भारत को निशाना बनाने की रची जा रही साजिश
कनाडा की इस खुफिया एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट में काफी सख्त चेतावनी दी है। एजेंसी ने इन उग्रवादी गतिविधियों को ‘राजनीतिक रूप से प्रेरित हिंसक उग्रवाद’ का नाम दिया है। रिपोर्ट के अनुसार कुछ उग्रवादी समूह कनाडा की धरती का बहुत गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। वे यहां से हिंसा फैलाने और अवैध फंडिंग जुटाने का काम कर रहे हैं। ये लोग भारत को निशाना बनाने वाली खतरनाक गतिविधियों की योजना भी बना रहे हैं।
कनाडा ने भी झेला है चरमपंथ का दर्द
एजेंसी ने अपनी नई रिपोर्ट में साल 1985 के भयानक एयर इंडिया फ्लाइट 182 बम धमाके का भी खास जिक्र किया है। इस दिल दहला देने वाले हमले में सैकड़ों बेगुनाह लोगों की जान चली गई थी। यह घटना याद दिलाती है कि खालिस्तानी चरमपंथ का बुरा असर सिर्फ भारत तक ही सीमित नहीं रहा है। खुद कनाडा भी इस उग्रवाद की भयानक हिंसा और दर्द को झेल चुका है। यह इतिहास का एक बहुत काला पन्ना है।
शांतिपूर्ण विचार रखने की है पूरी आजादी
कनाडा की इस रिपोर्ट में कुछ जरूरी कानूनी बातें भी स्पष्ट की गई हैं। रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि खालिस्तान के समर्थन में शांतिपूर्ण विचार रखना सुरक्षित है। यह कनाडा के कानून के तहत अधिकार है। लेकिन जो लोग या समूह हिंसा, अवैध फंडिंग या आतंकी गतिविधियों में शामिल हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। सुरक्षा एजेंसियां ऐसे हिंसक लोगों को देश की सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरे के रूप में देख रही हैं।
निज्जर हत्याकांड का रिपोर्ट में कोई जिक्र नहीं
रिपोर्ट में किसी भी खास संगठन या व्यक्ति का सीधा नाम नहीं लिया गया है। लेकिन भारत हमेशा से जिन गैंगस्टरों और खालिस्तानी नेटवर्क पर गंभीर आरोप लगाता रहा है, उनकी गतिविधियों पर गहरी चिंता जरूर जताई गई है। भारत पहले भी कनाडा पर ऐसे हिंसक तत्वों को सुरक्षित पनाह देने का खुला आरोप लगा चुका है। सबसे ज्यादा दिलचस्प बात यह रही कि इस पूरी खुफिया रिपोर्ट में हरदीप सिंह निज्जर हत्याकांड का कोई जिक्र नहीं किया गया है।
घरेलू सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बना उग्रवाद
इंस्टीट्यूट फॉर कॉन्फ्लिक्ट मैनेजमेंट की रिसर्च के अनुसार यह रिपोर्ट एक अहम बदलाव को दर्शाती है। यह दिखाती है कि कनाडा अब खालिस्तानी उग्रवाद को केवल भारत और कनाडा के बीच का विवाद नहीं मानता है। अब वह इसे अपनी घरेलू राष्ट्रीय सुरक्षा के एक बड़े मुद्दे के तौर पर गंभीरता से देखने लगा है। हालांकि कनाडा ने भारत पर विदेशी हस्तक्षेप और सिख कार्यकर्ताओं की कड़ी निगरानी करने के अपने पुराने आरोप भी दोहराए हैं।

