Mumbai News: मशहूर स्टैंड अप कॉमेडियन प्रणीत मोरे के शो से शुरू हुआ विवाद अब लगातार गहराता जा रहा है। बिरयानी के बदले शारीरिक संबंध मांगने वाले हिमांशु जांगड़ा के मामले के बाद अब एक मेडिकल छात्रा सेजल पवार का वीडियो तेजी से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वायरल हो रहा है।
मुंबई में एमबीबीएस थर्ड ईयर की छात्रा सेजल पवार इस ताजा विवाद के केंद्र में हैं। करीब तीन महीने पुराने एक शो के दौरान होस्ट प्रणीत मोरे ने सेजल से बातचीत की थी। इस क्राउड वर्क के दौरान प्रणीत उनसे एनाटॉमी और पोस्टमार्टम को लेकर सवाल पूछ रहे थे।
मेडिकल छात्रा की टिप्पणी पर भड़का सोशल मीडिया का गुस्सा
वीडियो क्लिप में सेजल बता रही हैं कि अस्पतालों में शवों की मेडिकल जांच कैसे होती है। इसी बातचीत के दौरान वह कहती हैं कि डॉक्टर्स कई बार मृत पुरुषों के जननांगों को लेकर भद्दे मजाक करते हैं। इस दौरान शो के होस्ट प्रणीत मोरे ने उन्हें रोकने के बजाय उकसाया।
हिमांशु प्रकरण के बाद जब यह वीडियो क्लिप इंटरनेट पर फैली, तो यूजर्स का गुस्सा भड़क गया। लोग सवाल उठा रहे हैं कि मेडिकल प्रोफेशन से जुड़ी छात्रा जब शवों की गरिमा का सम्मान नहीं कर सकती, तो वह जीवित मरीजों के साथ कैसा व्यवहार करती होगी।
सोशल मीडिया यूजर्स लगातार सेजल को मेडिकल कॉलेज से सस्पेंड करने की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि पढ़ाई के लिए देहदान करने वाले मृतकों के शरीर का ऐसा अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस बीच मुंबई के प्रतिष्ठित केईएम अस्पताल प्रशासन ने भी एक्शन लिया है।
महाराष्ट्र साइबर सेल ने दर्ज की एफआईआर और शुरू की जांच
अस्पताल की दो सदस्यीय कमेटी इस पूरे वीडियो की गहन समीक्षा कर रही है। केईएम अस्पताल प्रशासन ने आरोपी छात्रा सेजल पवार को फिलहाल लंबी छुट्टी पर भेज दिया है। विवाद बढ़ने पर प्रणीत मोरे, हिमांशु जांगड़ा और सेजल पवार ने अपनी हरकतों के लिए माफी मांगी है।
छात्रा सेजल ने सफाई में कहा कि वह पहली बार किसी लाइव कॉमेडी शो में गई थीं। वहां उन्होंने कई बातें की थीं और गाना भी गाया था, लेकिन सिर्फ इसी हिस्से को वायरल किया गया। वह मानती हैं कि उनकी बात पूरी तरह गलत थी और वह क्षमा मांगती हैं।
अब इस पूरे मामले में कानून का डंडा भी चल गया है। महाराष्ट्र साइबर सेल ने प्रणीत मोरे, हिमांशु जांगड़ा और सेजल पवार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने इन सभी पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।
साइबर पुलिस का गंभीर आरोप और मनोरंजन के नाम पर अश्लीलता
साइबर पुलिस के मुताबिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रहे इस कंटेंट में महिलाओं और मृतकों के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं। आरोप है कि व्यावसायिक फायदे और व्यूज बटोरने के लिए जानबूझकर इन वीडियो क्लिपों को रिकॉर्ड करके इंटरनेट पर फैलाया गया।
इस बड़ी कार्रवाई के बाद अब यह बहस छिड़ गई है कि क्या स्टैंड अप कॉमेडी के नाम पर अश्लील और भड़काऊ कंटेंट परोसना सामान्य बात हो गई है। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि अश्लील मज़ाक समाज में संवेदनशीलता को पूरी तरह खत्म कर देते हैं।
अदालतों के मुताबिक कानून हमेशा कंटेंट के संदर्भ और उसके समाज पर पड़ने वाले असर को देखता है। भारतीय कानून में अश्लीलता की कोई एक निश्चित परिभाषा नहीं है। फिलहाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि यह वीडियो किस इरादे से पोस्ट किया गया था।
Author: Sachin Kulkarni


