Maharashtra News: राज्य के नांदेड़ जिले में एक बेहद अनोखी शादी ने इन दिनों सोशल मीडिया पर सबका ध्यान खींचा है। यहां पारंपरिक उपहारों और दिखावे की जगह पूरे गांव को एक अनोखा आर्थिक सुरक्षा का तोहफा दिया गया। यह मामला कंधार तालुका के बहादुरपुरा गांव का सामने आया है।
बहादुरपुरा गांव के रहने वाले दूल्हे सिद्धेश्वर पेठकर और उनके पूरे परिवार ने मिलकर अपनी शादी को एक अनोखी सामाजिक पहल में बदल दिया। शादी के इस पावन अवसर पर पेठकर परिवार ने अपने गांव के सभी 3,465 निवासियों के लिए एक विशेष दुर्घटना बीमा पॉलिसी खरीदी है।
इस पूरी सामूहिक बीमा पॉलिसी की कुल राशि लगभग 33.6 करोड़ रुपये आंकी जा रही है। इसके तहत गांव के प्रत्येक नागरिक को एक-एक लाख रुपये का दुर्घटना बीमा कवर मिला है। इस फैसले की हर तरफ जमकर तारीफ हो रही है और लोग इसकी सराहना कर रहे हैं।
इस बेहतरीन सामाजिक पहल का मुख्य उद्देश्य गांव के गरीब लोगों को उन गंभीर जोखिमों से सुरक्षा प्रदान करना था, जिनका सामना वे रोजमर्रा की जिंदगी में करते हैं। यह पूरा इलाका मुख्य रूप से कृषि और ग्रामीण जीवन की गतिविधियों पर ही पूरी तरह आधारित है।
खेतों में काम के दौरान होने वाले हादसों से ग्रामीणों को मिलेगी आर्थिक सुरक्षा
इस ग्रामीण क्षेत्र में अक्सर सांप के काटने, आसमानी बिजली गिरने और खेतों में काम के दौरान होने वाले बड़े हादसों से जान-माल का काफी नुकसान होता रहता है। यहां कई गरीब परिवारों के पास किसी भी प्रकार की कोई दूसरी बीमा सुरक्षा उपलब्ध नहीं होती है।
ऐसे मुश्किल हालात में पेठकर परिवार का यह सराहनीय कदम सभी गरीब ग्रामीणों के लिए एक बहुत बड़ी राहत माना जा रहा है। इस कल्याणकारी बीमा योजना को धरातल पर सुचारू रूप से लागू करने के लिए परिवार ने स्थानीय ग्राम पंचायत का पूरा सहयोग लिया।
उन्होंने ग्राम पंचायत के पास उपलब्ध अधिकारिक मतदाता सूची के आधार पर सभी ग्रामीणों के लिए एक व्यापक समूह दुर्घटना बीमा (Group Accident Policy) तैयार कराया। यह विशेष बीमा पॉलिसी पूरे एक साल की अवधि के लिए वैध मानी जाएगी।
एक साल की समय सीमा समाप्त होने के बाद इसके नवीनीकरण पर दोबारा गंभीरता से विचार किया जाएगा। इस पूरी व्यवस्था की सबसे खास बात यह रही कि इसमें किसी भी प्रकार की कोई भेदभावपूर्ण या जटिल कागजी प्रक्रिया शामिल नहीं की गई थी।
दिखावे से दूर सेवा भाव को महत्व देकर समाज के सामने पेश किया दुर्लभ उदाहरण
सरल प्रक्रिया होने के कारण गांव के सभी पात्र नागरिक बहुत आसानी से इस सुरक्षा घेरे के दायरे में आ गए। दूल्हे सिद्धेश्वर पेठकर ने कहा कि उनकी संस्कृति में फिजूलखर्ची और दिखावे से ज्यादा हमेशा मानव सेवा और आपसी सहयोग को ही महत्व दिया जाता है।
उन्होंने आगे बताया कि इस विवाह समारोह का उद्देश्य केवल खुशियां मनाना नहीं था, बल्कि वे समाज के लिए कुछ उपयोगी कार्य करना चाहते थे। वहीं उनके भाई ने कहा कि क्षेत्र में होने वाले हादसों को देखकर ही परिवार ने यह बड़ा फैसला लिया।
इससे किसी भी अनहोनी की स्थिति में पीड़ित परिवारों को तुरंत एक बड़ा आर्थिक सहारा मिल सकेगा। गांव के सरपंच ने भी इस अनूठी पहल की सराहना करते हुए इसे एक दुर्लभ उदाहरण बताया है, जिसने व्यक्तिगत उत्सव को सामाजिक सुरक्षा से जोड़ दिया।
सभी ग्रामीणों ने भी पेठकर परिवार के इस कदम को बेहद सकारात्मक और प्रेरणादायक माना है। लोगों का कहना है कि ऐसा अनोखा उपहार उन्होंने अपने जीवन में पहले कभी नहीं देखा, जिसने पूरे गांव को एक मजबूत सुरक्षा की भावना दी है।
Author: Sachin Kulkarni


