Jamshedpur News: धातकीडीह कम्युनिटी सेंटर में भारतीय जननाट्य संघ (इप्टा) के तत्वाधान में सातदिवसीय बालरंग कार्यशाला का शानदार आगाज हुआ. इस थियेटर वर्कशॉप में छत्तीसगढ़ी लोकनाट्य ‘नाचा’ शैली के मशहूर निर्देशक निसार अली बच्चों को ट्रेनिंग दे रहे हैं. कार्यशाला में कुल 22 बाल कलाकार नाटक की अनूठी बारीकियां सीख रहे हैं.
सुबह छह बजे से गूंज रही थियेटर की तान
यह रचनात्मक कार्यशाला प्रतिदिन सुबह 6 से दोपहर 12 बजे तक चलती है. छत्तीसगढ़ का नाचा लोकनाट्य अपनी अनूठी शैली के लिए प्रसिद्ध है. इसमें लोक संगीत, पारंपरिक नृत्य और हास्य-व्यंग्य का अद्भुत संगम होता है. ग्रामीण इलाकों में कलाकार खुले मंच पर रात भर इसकी शानदार प्रस्तुति देते हैं.
इस बार जमशेदपुर इप्टा के मंच पर बच्चे इसी पारंपरिक कला को आत्मसात करेंगे. सात दिनों तक चलने वाले इस शिविर में बाल कलाकारों को स्पीच-मूवमेंट का अभ्यास कराया जाएगा. इसके साथ ही वे नृत्य, संवाद अदायगी और अपने आसपास के सामाजिक परिवेश को करीब से समझना सीखेंगे.
खेल-खेल में सीखी रोने, हंसने और चलने की कला
पहले दिन ट्रेनर पार्थ बनर्जी, नम्रता नाग, श्वेता, रामचंद्र मार्डी और उर्मिला हांसदा ने बच्चों को फिजिकल एक्सरसाइज कराई. उन्होंने वॉइस प्रोजेक्शन, हारमोनियम से अलंकार और नृत्य का प्रारंभिक अभ्यास कराया. इसके बाद मशहूर शायर अहमद बद्र ने बच्चों को इप्टा के ऐतिहासिक जन्म की गौरवगाथा सुनाई.
रायपुर से आए मुख्य प्रशिक्षक निसार अली ने बच्चों को बेहद मजेदार ढंग से संभाला. उन्होंने खेल-खेल में बच्चों को रचनात्मक तरीके से चलना, हंसना, रोना और बोलना सिखाया. कार्यशाला स्थल पर बच्चों के बनाए सुंदर और रंग-बिरंगे पोस्टरों की एक आकर्षक प्रदर्शनी भी लगाई गई है.
खवाजा अहमद अब्बास को समर्पित है यह आयोजन
पोस्टर पर ‘किताबें करती हैं बातें’ और ‘होंगे कामयाब एक दिन’ जैसे प्रेरक वाक्य लिखे हैं. इनसे बच्चे शुद्ध हिंदी शब्दों का सही उच्चारण करना सीख रहे हैं. इप्टा के संरक्षक कॉमरेड शशि कुमार, निर्मला, संजय सोलोमन, अर्पिता, शिवलाल सागर, गौतम गोप और तरुण कुमार ने बच्चों की हौसलाअफजाई की.
इप्टा अपनी स्थापना के समय से ही देश भर में जनसरोकार के मुद्दों पर सक्रिय है. पिछले साल इप्टा ने बालरंग की मशहूर हस्ती रेखा जैन की जन्मशताब्दी मनाई थी. इस वर्ष का यह विशेष आयोजन प्रसिद्ध लेखक, फिल्मकार और वरिष्ठ पत्रकार खवाजा अहमद अब्बास की पावन स्मृति को समर्पित किया गया है.
महान फिल्मकार खवाजा अहमद अब्बास के स्मृति दिवस पर 7 जून की शाम को इस कार्यशाला का समापन होगा. अंतिम दिन ट्राइबल कल्चर सेंटर में बाल कलाकारों द्वारा तैयार नाटक की भव्य प्रस्तुति दी जाएगी. कला प्रेमी बच्चों के इस हुनर को देखने के लिए बेहद उत्सुक नजर आ रहे हैं.
Author: Rohit Mahato


