पेट्रोल-डीजल की महंगाई से मिलेगी हमेशा के लिए छुट्टी, आ रही 100% इथेनॉल से चलने वाली मारुति की ये धांसू कार!

New Delhi News: पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात के कारण भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें काफी तेजी से बढ़ रही हैं। आम जनता ईंधन की इन बढ़ती कीमतों से बुरी तरह परेशान हो चुकी है। इस समस्या से निजात दिलाने के लिए मारुति सुजुकी एक बड़ा कदम उठाने जा रही है।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने नागपुर में आयोजित एक खास कार्यक्रम के दौरान इस नई तकनीक की पुष्टि की है। मारुति सुजुकी आने वाली चार जून को देश की पहली फ्लेक्स फ्यूल कार पेश करेगी। यह नई और आधुनिक कार पूरी तरह से सौ प्रतिशत इथेनॉल पर चलने में सक्षम होगी।

क्या होती है फ्लेक्स फ्यूल तकनीक?

फ्लेक्स फ्यूल गाड़ियां एक विशेष आधुनिक तकनीक पर काम करती हैं। इन्हें पेट्रोल के साथ-साथ इथेनॉल या दोनों के मिश्रण से आसानी से चलाया जा सकता है। वर्तमान समय में भारत की सामान्य कारें केवल बीस प्रतिशत इथेनॉल वाले पेट्रोल पर ही चल पाती हैं। इसे ई-ट्वेंटी फ्यूल कहा जाता है।

नई फ्लेक्स फ्यूल कारें ज्यादा इथेनॉल वाले पेट्रोल पर भी बिना किसी तकनीकी खराबी के दौड़ सकती हैं। ये गाड़ियां ई-एटी-फाइव या ई-हंड्रेड जैसे उच्च इथेनॉल मिश्रण को आसानी से सपोर्ट करती हैं। ई-हंड्रेड का सीधा मतलब है कि इस गाड़ी के ईंधन में सौ प्रतिशत तक इथेनॉल का इस्तेमाल होगा।

मारुति की कौन सी कार होगी लॉन्च?

मारुति सुजुकी कंपनी ने अभी तक अपनी पहली फ्लेक्स फ्यूल कार के नाम का आधिकारिक खुलासा नहीं किया है। ऑटोमोबाइल बाजार के जानकारों का मानना है कि कंपनी वैगनआर या फ्रॉन्क्स मॉडल को इस नई तकनीक के साथ उतार सकती है। वैगनआर के फ्लेक्स फ्यूल मॉडल की संभावना सबसे ज्यादा जताई जा रही है।

मारुति सुजुकी इससे पहले ऑटो एक्सपो जैसे बड़े आयोजनों में वैगनआर के फ्लेक्स फ्यूल मॉडल को दुनिया के सामने प्रदर्शित कर चुकी है। अगर वैगनआर को इस नए अवतार में लॉन्च किया जाता है, तो यह मध्यवर्गीय परिवारों के लिए बहुत ही किफायती और शानदार विकल्प बनकर बाजार में सामने आएगी।

देश और किसानों के लिए बड़े फायदे

हमारा देश अपनी जरूरत का सतासी प्रतिशत कच्चा तेल विदेशों से भारी कीमत पर खरीदता है। इथेनॉल के ज्यादा इस्तेमाल से कच्चे तेल पर हमारी निर्भरता काफी कम होगी और देश का बेशकीमती पैसा बचेगा। इसके साथ ही इथेनॉल पेट्रोल की तुलना में बहुत कम प्रदूषण फैलाता है, जिससे हवा साफ रहेगी।

इथेनॉल को मुख्य रूप से गन्ने और खराब अनाज से तैयार किया जाता है। इससे भारतीय किसानों की फसल की खपत बढ़ेगी और उनकी आमदनी में भी सीधा इजाफा होगा। सरकार भी देशभर में इथेनॉल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए बहुत तेजी से अपनी नई योजनाएं बना रही है।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के अनुसार अगले दो सालों के भीतर पूरे देश में लगभग पांच हजार नए ई-हंड्रेड फ्यूल स्टेशन खोले जाएंगे। इस बड़े कदम से ग्राहकों को भविष्य में ईंधन की कोई कमी महसूस नहीं होगी। यह भारत के ऑटोमोबाइल सेक्टर में एक बहुत ही बड़ी और शानदार क्रांति होगी।

Author: Karan Kumar

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