Shimla News: हिमाचल प्रदेश की राजनीति में मुख्यमंत्री बदलने की अटकलों पर कैबिनेट मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने साफ कहा कि सरकार के नेतृत्व से जुड़ा कोई भी अहम फैसला कांग्रेस पार्टी का केंद्रीय आलाकमान ही वरिष्ठ नेताओं से विचार-विमर्श करने के बाद लेता है।
शिमला में बातचीत के दौरान विक्रमादित्य सिंह ने कर्नाटक फॉर्मूले की चर्चा को खारिज किया। उन्होंने कहा कि देश के हर राज्य की राजनीतिक परिस्थितियां पूरी तरह अलग होती हैं। हिमाचल प्रदेश में पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व जो भी निर्णय करेगा, वह राज्य के सभी नेताओं को हमेशा सर्वमान्य होगा।
स्थानीय चुनाव के मिले-जुले नतीजों पर पार्टी करेगी गहरा मंथन
कैबिनेट मंत्री ने नगर निगम चुनाव के हालिया नतीजों पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने माना कि पालमपुर में कांग्रेस पार्टी का प्रदर्शन बहुत शानदार रहा। हालांकि सोलन, मंडी और धर्मशाला में उम्मीद के मुताबिक नतीजे नहीं आए। इन शहरों में पार्टी के प्रदर्शन में कुछ कमियां जरूर रह गईं।
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि इसमें कोई दो राय नहीं है कि नतीजों की समीक्षा की जाएगी। पार्टी लीडरशिप इस बात पर मंथन करेगी कि ऐसे परिणाम क्यों आए। उन्होंने कहा कि शीर्ष नेतृत्व से चर्चा कर भविष्य में आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे ताकि संगठन को धरातल पर और मजबूत किया जा सके।
पंचायत चुनाव में जीत पर मंत्रियों ने कार्यकर्ताओं का जताया आभार
मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने पंचायती राज चुनावों का जिक्र भी किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण जनता वोट देते समय सिर्फ राजनीतिक दल नहीं देखती। लोग उम्मीदवार के जमीनी जुड़ाव और संबंधों को ज्यादा महत्व देते हैं। उन्होंने सभी नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों को बधाई देते हुए जनभावनाओं का सम्मान करने की बात कही।
दूसरी तरफ, पंचायती राज और जिला परिषद चुनाव के नतीजों पर कैबिनेट मंत्री रोहित ठाकुर ने खुशी जताई। उन्होंने शानदार जीत के लिए हिमाचल प्रदेश की जनता का आभार व्यक्त किया। रोहित ठाकुर ने दिन-रात कड़ी मेहनत करने वाले कांग्रेस कार्यकर्ताओं को धन्यवाद देते हुए इस जीत को उनकी लगन का परिणाम बताया।
Author: Sunita Gupta


