Jamshedpur News: बिष्टुपुर के व्यस्त टीएमएच गोलचक्कर पर सोमवार दोपहर एक रूह कंपा देने वाला सड़क हादसा हो गया. एक अनियंत्रित बाइक सीधे दमकल वाहन के नीचे जा घुसी. इस दर्दनाक हादसे में बाइक सवार युवक गंभीर रूप से घायल हो गया. बाद में इलाज के दौरान अस्पताल में उसकी मौत हो गई.
यूनाइटेड क्लब जाने के दौरान दमकल गाड़ी से हुई भिड़ंत
मृतक की पहचान जुगसलाई पीबी रोड निवासी मो. हुसाम अख्तर के रूप में हुई है. वह अपनी बाइक से यूनाइटेड क्लब की तरफ जा रहे थे. तभी बिष्टुपुर की ओर जा रहे दमकल वाहन से उनकी सीधी भिड़ंत हो गई. टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक सीधे बड़ी गाड़ी के नीचे घुस गई.
हादसे के बाद युवक भारी वाहन के पहिए की चपेट में आ गया. घटना के तुरंत बाद टीएमएच गोलचक्कर पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया. स्थानीय लोगों ने फौरन पुलिस को मामले की जानकारी दी. हालांकि हादसे के बाद कुछ देर के लिए व्यस्त मार्ग पर ट्रैफिक पूरी तरह बाधित रहा.
महज 500 मीटर दूर थी पुलिस, आधे घंटे तक तड़पता रहा मरीज
सड़क पर तड़प रहे घायल को बचाने के लिए शुरुआती पलों में राहगीर आगे नहीं आए. सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि टीएमएच अस्पताल और बिष्टुपुर थाना महज 500 मीटर की दूरी पर थे. इसके बावजूद पुलिस टीम को दुर्घटनास्थल पर पहुंचने में आधा घंटा लग गया.
बिष्टुपुर थाना प्रभारी आलोक कुमार दुबे के पहुंचने के बाद ही राहत कार्य शुरू हुआ. पुलिस और स्थानीय लोगों ने युवक को खींचकर बाहर निकाला. इसके बाद उसे तुरंत टेंपो से एमजीएम अस्पताल भेजा गया. डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उसने दम तोड़ दिया.
पुलिस ने दोनों वाहन जब्त किए, ट्रैफिक व्यवस्था पर उठे सवाल
जवान बेटे की मौत की खबर सुनते ही परिजनों में कोहराम मच गया. अस्पताल पहुंचे माता-पिता और रिश्तेदारों का रो-रोकर बुरा हाल है. बिष्टुपुर थाना पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त बाइक और दमकल गाड़ी को जब्त कर लिया है. पुलिस हादसे के असली कारणों का पता लगाने में जुटी है.
थाना प्रभारी ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. इस दर्दनाक हादसे के बाद टीएमएच गोलचक्कर पर ट्रैफिक प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं. स्थानीय निवासियों ने अत्यधिक व्यस्त चौराहों पर गति सीमा तय करने और कड़े सुरक्षा इंतजाम की मांग की है.
झारखंड में घायल की जान बचाने पर मिलता है बड़ा इनाम
झारखंड सरकार सड़क हादसों में घायल लोगों की जान बचाने के लिए विशेष प्रोत्साहन देती है. अगर कोई नागरिक दुर्घटना के बाद ‘गोल्डन ऑवर’ (पहले एक घंटे) में मरीज को अस्पताल पहुंचाता है, तो उसे सरकार गुड समैरिटन योजना के तहत 25,000 रुपये का नकद पुरस्कार देती है.
इस योजना के तहत मददगार नागरिक को प्रशासन की तरफ से राह-वीर प्रमाणपत्र भी मिलता है. पुलिस ऐसे मददगार व्यक्ति से कोई अनावश्यक पूछताछ नहीं कर सकती. उसे गवाह बनने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता. सरकार मददगार की पहचान भी पूरी तरह गुप्त रखती है.
Author: Rohit Mahato


