Digital India की बड़ी तस्वीर में छिपी चुनौती, मोबाइल हर घर में लेकिन करोड़ों परिवार अब भी इंटरनेट से दूर

India News: भारत में मोबाइल फोन की पहुंच लगभग हर घर तक हो चुकी है, लेकिन इंटरनेट कनेक्टिविटी और डिजिटल उपयोग के मामले में तस्वीर अभी पूरी तरह संतोषजनक नहीं है। एक नई रिपोर्ट के अनुसार देश के 27.5 फीसदी परिवार अब भी इंटरनेट का इस्तेमाल नहीं करते। यह स्थिति डिजिटल समावेशन की दिशा में बड़ी चुनौती मानी जा रही है।

नेशनल काउंसिल ऑफ एप्लाइड इकोनॉमिक रिसर्च (NCAER) और द क्वांटम हब की संयुक्त रिपोर्ट में यह तथ्य सामने आया है। अध्ययन के लिए वर्ष 2022 से 2024 के बीच देशभर के 47 हजार से अधिक परिवारों का सर्वेक्षण किया गया। रिपोर्ट भारत में डिजिटल पहुंच और इंटरनेट उपयोग की वास्तविक स्थिति को दर्शाती है।

मोबाइल उपलब्ध, लेकिन इंटरनेट उपयोग में अंतर

रिपोर्ट के मुताबिक देश के 95.1 फीसदी परिवारों के पास मोबाइल फोन मौजूद है। इसके बावजूद करीब हर चौथा परिवार इंटरनेट से जुड़ा नहीं है। इससे स्पष्ट होता है कि केवल मोबाइल उपलब्ध होना डिजिटल भागीदारी की गारंटी नहीं देता। इंटरनेट उपयोग के लिए डिजिटल ज्ञान और सुविधाओं की भी आवश्यकता होती है।

एक दशक में इंटरनेट उपयोग में रिकॉर्ड बढ़ोतरी

अध्ययन के अनुसार भारत में इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या पिछले दस वर्षों में कई गुना बढ़ी है। वर्ष 2015 में जहां लगभग 19.8 करोड़ लोग इंटरनेट का इस्तेमाल करते थे, वहीं 2025 तक यह संख्या 103 करोड़ से अधिक पहुंच गई। सस्ते स्मार्टफोन और कम कीमत वाले डेटा प्लान इस वृद्धि के प्रमुख कारण रहे हैं।

सरकार और निजी क्षेत्र द्वारा डिजिटल सेवाओं के विस्तार ने भी इंटरनेट अपनाने की रफ्तार बढ़ाई है। ऑनलाइन भुगतान, डिजिटल बैंकिंग, शिक्षा और सरकारी सेवाओं की उपलब्धता ने लोगों को इंटरनेट से जोड़ने में अहम भूमिका निभाई है। इसके बावजूद कई क्षेत्रों में डिजिटल पहुंच अब भी सीमित बनी हुई है।

डिजिटल असमानता बनी हुई बड़ी समस्या

रिपोर्ट बताती है कि इंटरनेट की उपलब्धता बढ़ने के बावजूद डिजिटल असमानता पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। कई परिवारों के पास उच्च गुणवत्ता वाली इंटरनेट सेवा, आधुनिक उपकरण या डिजिटल कौशल की कमी है। ऐसे में वे ऑनलाइन सुविधाओं का पूरा लाभ नहीं उठा पाते और डिजिटल अवसरों से पीछे रह जाते हैं।

महिलाओं और पुरुषों के बीच बड़ा अंतर

अध्ययन में इंटरनेट उपयोग को लेकर लैंगिक अंतर भी सामने आया है। कामकाजी आयु वर्ग की केवल 35.6 फीसदी महिलाएं इंटरनेट का उपयोग करती हैं। वहीं पुरुषों में यह आंकड़ा 57.6 फीसदी दर्ज किया गया। यह अंतर दर्शाता है कि डिजिटल पहुंच के मामले में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की अभी भी जरूरत है।

रिपोर्ट के अनुसार इंटरनेट का इस्तेमाल करने वाले कई परिवारों को भी डिजिटल सेवाओं के लिए दूसरों की सहायता लेनी पड़ती है। ऐसे परिवारों की हिस्सेदारी 20.4 फीसदी है। विशेष रूप से कम शिक्षित परिवारों में यह स्थिति अधिक देखने को मिलती है, जिससे डिजिटल साक्षरता की आवश्यकता और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है।

Author: Mohit

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