Lucknow News: वैश्विक स्तर पर पैर पसार रहे जानलेवा इबोला वायरस को लेकर देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में हाई अलर्ट जारी हो चुका है। अफ्रीका के कई देशों में इबोला के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की गाइडलाइंस के तहत यूपी सरकार पूरी तरह सतर्क है।
इसी कड़ी में विदेश से लौटे 95 यात्रियों की एक विशेष इबोला सर्विलांस लिस्ट तैयार की गई है। इस सूची में बस्ती मंडल के दो प्रवासियों का नाम सामने आते ही स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मच गया है। स्वास्थ्य विभाग ने दोनों को कड़ी सुरक्षा में तुरंत होम क्वारंटाइन कर दिया है।
बस्ती और संतकबीरनगर में स्वास्थ्य विभाग की कड़ी निगरानी
इबोला प्रभावित क्षेत्रों से लौटे यात्रियों की जो लाइन लिस्ट तैयार हुई है, उसमें बस्ती मंडल के दो लोग शामिल हैं। इनमें से एक युवक बस्ती जिले के सल्टौआ ब्लॉक का रहने वाला 22 वर्षीय व्यापारी है। यह युवक बांग्लादेश की राजधानी ढाका से हवाई यात्रा कर दिल्ली पहुंचा था।
वहीं दूसरा यात्री संतकबीरनगर जिले के बघौली ब्लॉक का निवासी है। वह पिछले एक दशक से युगांडा के इंटेबी शहर में मजदूरी कर रहा था। वह हाल ही में मुंबई के रास्ते स्वदेश लौटा है। सीएमओ बस्ती ने मुस्तैदी दिखाते हुए संतकबीरनगर के स्वास्थ्य विभाग को पत्र भेजा है।
दोनों प्रवासियों के मिलने के बाद प्रशासन कोई भी जोखिम नहीं उठाना चाहता है। डॉक्टरों की विशेष टीमें दोनों युवकों की सेहत पर लगातार नजर रख रही हैं। स्वास्थ्य विभाग ने स्थानीय ग्रामीणों से भी अपील की है कि वे पैनिक न करें और सुरक्षा मानकों का पालन करें।
महामारी से निपटने के लिए डब्ल्यूएचओ का मेगा प्लान
दुनिया भर में इबोला के बढ़ते मामलों को देखते हुए वैश्विक स्थिति बेहद चिंताजनक हो चुकी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक टेड्रोस अदनोम घेब्रेयेसस ने अफ्रीका सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के साथ मिलकर इस महामारी से निपटने के लिए एक बड़ा प्लान जारी किया है।
यह विशेष रणनीति जून से नवंबर तक यानी छह महीने के लिए काम करेगी। डब्लूएचओ ने इसके लिए 518 मिलियन डॉलर (लगभग 51.8 करोड़ डॉलर) का भारी बजट रखा है। संगठन के प्रमुख ने चेतावनी दी है कि यह वायरस बहुत तेजी से नए इलाकों में फैल रहा है।
वैश्विक स्वास्थ्य एजेंसियां फिलहाल इसके प्रसार को रोकने के लिए जमीनी स्तर पर कड़ी मशक्कत कर रही हैं। इस बीच भारत सरकार ने भी अपनी तरफ से इबोला से लड़ाई में मदद का हाथ बढ़ाया है। भारत ने प्रभावित इलाकों के लिए 43 टन चिकित्सा सहायता भेजी है।
कांगो में फैला दुर्लभ बुंदीबुग्यो स्ट्रेन, बढ़ी मौतें
अफ्रीका के कांगो में इस समय इबोला का 17वां प्रकोप देखा जा रहा है। संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य संस्था ने इसे ‘अंतरराष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल’ घोषित कर दिया है। इस बार कांगो में इबोला का बेहद दुर्लभ और खतरनाक ‘बुंदीबुग्यो’ (Bundibugyo) स्ट्रेन फैला है।
इस नए स्ट्रेन की सबसे चिंताजनक बात यह है कि इसके लिए फिलहाल कोई स्वीकृत इलाज या टीका दुनिया में उपलब्ध नहीं है। अफ्रीका सीडीसी के महानिदेशक जीन कासेया के अनुसार कांगो में अब तक इबोला के 381 पुष्ट मामले सामने आ चुके हैं।
इस खतरनाक बीमारी की चपेट में आने से अब तक 62 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है। चिकित्सा इतिहास में यह बुंदीबुग्यो स्ट्रेन का अब तक का सबसे गंभीर और घातक हमला माना जा रहा है। इसी वजह से भारत सरकार भी हवाई अड्डों पर कड़ी चेकिंग कर रही है।
Author: Ajay Mishra


