सावधान! बारिश के बाद दिल्ली-NCR में लू का कहर, यूपी और बिहार में भी पारा चढ़ने की चेतावनी; जानें मौसम विभाग का नया अलर्ट

India News: उत्तर भारत के मौसम में एक बार फिर बड़ा उलटफेर होने वाला है। दिल्ली-NCR में हल्की बारिश और बूंदाबांदी के बाद अब भीषण गर्मी और लू (Heatwave) का नया दौर शुरू होने की आशंका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ दिनों में उत्तर प्रदेश और बिहार के तापमान में भी भारी बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी। नमी और बढ़ती तपिश के कारण लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ सकता है, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की संभावना है।

दिल्ली-NCR में बारिश के बाद फिर लौटेगी भीषण गर्मी

राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में हाल ही में हुई बारिश ने मामूली राहत तो दी, लेकिन यह लंबे समय तक नहीं टिकेगी। पश्चिमी विक्षोभ का असर खत्म होते ही आसमान साफ हो जाएगा और तेज धूप निकलेगी। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि दिल्ली का अधिकतम तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। रात के तापमान में भी इजाफा होगा, जिससे शाम के समय भी गर्मी से राहत नहीं मिलेगी। प्रशासन ने बुजुर्गों और बच्चों को दोपहर के समय बाहर न निकलने की सलाह दी है।

उत्तर प्रदेश में तपिश बढ़ने से बढ़ेगी बिजली की मांग

उत्तर प्रदेश के अधिकांश जिलों में अगले 48 घंटों के दौरान पारा 2-3 डिग्री तक चढ़ सकता है। लखनऊ, कानपुर और वाराणसी जैसे शहरों में शुष्क हवाएं चलेंगी जो लू का रूप ले सकती हैं। भीषण गर्मी के कारण राज्य में बिजली की खपत में भी रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। किसानों के लिए भी यह मौसम चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि बढ़ती गर्मी फसलों को नुकसान पहुंचा सकती है। मौसम विभाग ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में विशेष रूप से ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है ताकि लोग पहले से सतर्क रहें।

बिहार में उमस भरी गर्मी और तापमान में भारी उछाल

बिहार के लोगों के लिए आने वाले दिन काफी कष्टकारी साबित हो सकते हैं। पछुआ हवाओं के प्रभाव से पटना सहित कई जिलों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है। नमी और उच्च तापमान के मिलने से उमस (Humidity) का स्तर काफी ऊंचा रहेगा, जिससे पसीने वाली गर्मी परेशान करेगी। गया और भागलपुर जैसे जिलों में लू चलने की प्रबल संभावना है। स्वास्थ्य विभाग ने डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक से बचने के लिए पर्याप्त पानी पीने और ठंडे पदार्थों का सेवन करने की गाइडलाइन जारी की है।

क्यों हो रहा है मौसम में यह अचानक बदलाव?

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश के बाद जब बादल छंटते हैं, तो सौर विकिरण सीधे धरती तक पहुंचता है। इससे सतह जल्दी गर्म हो जाती है। अरब सागर की ओर से आने वाली गर्म हवाएं इस तपिश को और बढ़ा देती हैं। इस साल एल-नीनो (El Nino) के प्रभाव के कारण भी गर्मी के मौसम में सामान्य से अधिक तापमान दर्ज किया जा रहा है। आने वाले एक सप्ताह तक उत्तर भारत में राहत की कोई उम्मीद नहीं दिख रही है।

हीटवेव से बचने के लिए विशेषज्ञों की महत्वपूर्ण सलाह

डॉक्टरों और मौसम वैज्ञानिकों ने हीटवेव के दौरान विशेष सावधानी बरतने को कहा है। घर से बाहर निकलते समय सूती और हल्के रंग के कपड़े पहनना फायदेमंद रहता है। अपने साथ पानी की बोतल हमेशा रखें और सिर को ढककर ही बाहर निकलें। ओआरएस (ORS) या नींबू पानी का सेवन शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी को पूरा करता है। यदि किसी को चक्कर आने या तेज सिरदर्द जैसी समस्या हो, तो उसे तुरंत ठंडी जगह पर ले जाएं और डॉक्टरी सलाह लें। स्थानीय प्रशासन भी प्याऊ और रैन बसेरों में कूलर की व्यवस्था कर रहा है।

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