Himachal News: भारी कर्ज और आर्थिक तंगी से जूझ रहे हिमाचल प्रदेश के उपभोक्ताओं के लिए एक राहत भरी खबर आई है। राज्य विद्युत नियामक आयोग ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए बिजली की दरों में एक पैसे प्रति यूनिट की कटौती का ऐलान किया है। यह नई दरें 1 अप्रैल 2026 से पूरे प्रदेश में प्रभावी होंगी। ऐसे समय में जब सरकार अपने खर्चों में भारी कटौती कर रही है, बिजली दरों में आई यह गिरावट सांकेतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
कंगाल खजाने के बीच कैसे मिली यह राहत
हिमाचल प्रदेश इस वक्त गंभीर वित्तीय दबाव का सामना कर रहा है। केंद्र से मिलने वाला राजस्व घाटा अनुदान बंद होने के कारण सरकार को वेतन तक रोकने जैसे कड़े फैसले लेने पड़े हैं। मंत्रियों और बड़े अधिकारियों के वेतन में कटौती की गई है। मुख्यमंत्री पहले ही चेतावनी दे चुके हैं कि आने वाले छह महीने राज्य के लिए कठिन परीक्षा वाले होंगे। इस उथल-पुथल के बीच बिजली बोर्ड की सालाना राजस्व आवश्यकता तो बढ़ी है, लेकिन आपूर्ति लागत में कमी आने से उपभोक्ताओं को यह फायदा मिला है।
किस श्रेणी के लिए क्या होंगी नई दरें
आयोग ने आगामी वित्त वर्ष के लिए बिजली आपूर्ति की औसत लागत 6.75 रुपये प्रति यूनिट तय की है। नई दरों के मुताबिक 60 यूनिट तक खपत करने वाले लाइफलाइन उपभोक्ताओं को 4.71 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से भुगतान करना होगा। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 125 यूनिट तक की दर 5.44 रुपये तय की गई है। वहीं, अगर खपत 125 यूनिट से ज्यादा होती है, तो 5.89 रुपये प्रति यूनिट का शुल्क देना होगा। कृषि क्षेत्र के लिए यह दर 5.03 रुपये और व्यावसायिक श्रेणी के लिए न्यूनतम 6.39 रुपये प्रति यूनिट निर्धारित की गई है।
उद्योगों और कमर्शियल सेक्टर का नया गणित
छोटे उद्योगों के लिए 5.71 रुपये और मध्यम श्रेणी के उद्योगों के लिए 5.60 रुपये प्रति यूनिट की दर लागू होगी। बड़े उद्योगों के लिए वोल्टेज के आधार पर 5.45 रुपये से 5.55 रुपये के बीच दरें तय की गई हैं। इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग के लिए अब 6.78 रुपये और रेलवे को 6.29 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से बिजली मिलेगी। महत्वपूर्ण बात यह है कि इस आदेश में सरकारी सब्सिडी का जिक्र नहीं है। अब गेंद सरकार के पाले में है कि वह जनता को पुरानी सब्सिडी जारी रखती है या नहीं।


