India News: देश में 1 अप्रैल से जनगणना 2027 का पहला चरण शुरू हो गया है। अब तक 5.72 लाख से अधिक परिवारों ने स्व-गणना (सेल्फ एन्युमरेशन) सुविधा का लाभ उठाया है। भारत के महापंजीयक (RGI) ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह आंकड़ा डिजिटल पहल में बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है।
पहली बार मिल रही घर बैठे जानकारी देने की सुविधा
इस बार की जनगणना की सबसे बड़ी खासियत सेल्फ एन्युमरेशन है। लोग घर बैठे वेब-पोर्टल के जरिए 16 भाषाओं में अपनी जानकारी खुद भर सकेंगे। महापंजीयक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा, ”ऑनलाइन जानकारी प्रदान करने का विकल्प चुनकर इन परिवारों ने राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का तेज, स्मार्ट और सुविधाजनक तरीका अपनाया है।”
सेल्फ एन्युमरेशन की पूरी प्रक्रिया क्या है?
आपको अपनी जानकारी ऑनलाइन भरने के लिए 15 दिनों का समय मिलेगा। यह अवधि घर-घर सर्वे शुरू होने से ठीक पहले होगी। सबसे पहले मोबाइल नंबर से पोर्टल पर लॉग-इन करना होगा। जानकारी भरने के बाद आपको सेल्फ एन्युमरेशन आईडी (SE ID) मिलेगी। यह आईडी बाद में आने वाले कर्मचारी (एन्युमरेटर) को दिखानी होगी। इससे आपकी प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
किन राज्यों में उपलब्ध है यह सुविधा?
सेल्फ एन्युमरेशन की सुविधा उन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के नागरिकों के लिए उपलब्ध है, जहां 16 अप्रैल से भौतिक मकान सूचीकरण और मकान की गणना (एचएलओ) शुरू होगी। एक अप्रैल को आठ राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में जनगणना 2027 की शुरुआत हुई। इनमें अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, गोवा, कर्नाटक, सिक्किम, ओडिशा, लक्षद्वीप, मिजोरम और राष्ट्रीय राजधानी के एनडीएमसी एवं छावनी बोर्ड के क्षेत्र शामिल हैं।
जनगणना का इतिहास और गोपनीयता
स्वतंत्रता के बाद यह आठवीं जनगणना है। पिछली जनगणना वर्ष 2011 में आयोजित हुई थी। इस बार की जनगणना पूरी तरह से गोपनीय है। आरटीआई से भी इसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाएगी। राज्य सरकार की मशीनरी इस प्रक्रिया को संपन्न करवाएगी। गृहमंत्री की अगुवाई में यह प्रक्रिया पूरी होगी। उनके मंत्रालय से राज्यों के चीफ सेक्रेटरी को निर्देश दिए जाएंगे।
डिजिटल इंडिया की ओर एक बड़ा कदम
यह पहल डिजिटल इंडिया के सपने को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। जनगणना के इतिहास में पहली बार सेल्फ एन्युमरेशन की सुविधा दी गई है। इससे नागरिकों का समय बचेगा और डेटा संग्रहण में पारदर्शिता आएगी। महापंजीयक कार्यालय के अनुसार, आने वाले दिनों में और अधिक परिवार इस सुविधा का लाभ उठाएंगे।


