Prayagraj News: प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) राज्य विश्वविद्यालय की सेमेस्टर परीक्षाओं में गुरुवार को एक बड़ी प्रशासनिक चूक सामने आई, जिससे सैकड़ों छात्रों का भविष्य दांव पर लग गया। दूसरी पाली में आयोजित एलएलबी छठवें सेमेस्टर की परीक्षा के दौरान 166 केंद्रों पर छात्रों को गलत प्रश्नपत्र बांट दिया गया। एलएलबी के ‘साइबर लॉ’ विषय की जगह छात्रों के हाथों में बीए-एलएलबी का ‘प्रॉपर्टी लॉ’ का पेपर थमा दिया गया। इस घटना के बाद परीक्षा केंद्रों पर हड़कंप मच गया और छात्रों ने जमकर विरोध दर्ज कराया।
गड़बड़ी का खुलासा तब हुआ जब महिला सेवा सदन डिग्री कॉलेज सहित कई अन्य केंद्रों पर छात्रों ने प्रश्नपत्र मिलते ही शोर मचाना शुरू किया। दरअसल, सुबह की पाली में बीए-एलएलबी का पेपर पहले ही हो चुका था, लेकिन दूसरी पाली के लिए रखे गए पैकेटों में भी गलती से वही प्रश्नपत्र पैक कर दिए गए थे। आनन-फानन में कक्ष निरीक्षकों ने गलत पेपर वापस लिए और विश्वविद्यालय प्रशासन को सूचित किया। इस पूरी प्रक्रिया और नए प्रश्नपत्रों की फोटोकॉपी तैयार कराने में परीक्षा लगभग 45 मिनट की देरी से शुरू हो सकी।
कुलपति ने दिए जांच के आदेश, फोटोकॉपी बांटकर पूरी कराई गई परीक्षा
विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्थिति को संभालने के लिए सभी 166 केंद्रों पर तत्काल सही प्रश्नपत्र की प्रतियां ईमेल के माध्यम से भेजीं। केंद्रों पर इन डिजिटल प्रतियों के फोटो स्टेट तैयार कराकर छात्रों को बांटे गए, जिसके बाद परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सकी। हालांकि, इस अफरा-तफरी के कारण छात्रों को मानसिक तनाव का सामना करना पड़ा। कई केंद्रों पर छात्रों ने समय की भरपाई करने की मांग भी की, क्योंकि पेपर बदलने के कारण उनकी एकाग्रता भंग हो गई थी।
इस गंभीर लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अखिलेश कुमार सिंह ने मामले की उच्च स्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि प्रश्नपत्रों की पैकिंग के दौरान त्रुटि हुई थी, जिसे समय रहते सुधार लिया गया। कुलपति ने आश्वासन दिया है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों या एजेंसी के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने भविष्य में ऐसी तकनीकी और प्रशासनिक गलतियों को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम करने का भी भरोसा दिलाया है।

