Kaushambi News: उत्तर प्रदेश के अमेठी की रहने वाली मोनी वर्मा की सनसनीखेज हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। इस शातिर हत्याकांड को किसी और ने नहीं, बल्कि उसके लिव-इन पार्टनर हर्ष खियानी उर्फ बिट्टू ने ही अंजाम दिया था। पुलिस को इस कातिल तक पहुंचाने में बीयर की बोतल के एक छोटे से ‘बार कोड’ ने सबसे बड़ी भूमिका निभाई। 15 अप्रैल को कौशांबी के कोखराज इलाके में हाईवे किनारे एक लोहे के बक्से में मोनी का शव मिला था।
दुपट्टे में छिपा था कातिल का सुराग
घटना का खुलासा तब हुआ जब फॉरेंसिक टीम ने मृतका के कपड़ों की गहनता से जांच की। जांच के दौरान मोनी के दुपट्टे के एक कोने में शराब की बोतल का बार कोड चिपका हुआ मिला। जब पुलिस ने इस बार कोड को स्कैन किया, तो पता चला कि यह बीयर की बोतल कानपुर के कल्याणपुर स्थित एवन मार्केट से खरीदी गई थी। इसी एक सुराग ने पुलिस की जांच की दिशा पूरी तरह बदल दी और कातिल का रास्ता साफ कर दिया।
CCTV फुटेज से बेनकाब हुआ आरोपी
बार कोड से मिले पते के आधार पर पुलिस की टीम कानपुर के उस दुकान तक पहुंची। वहां लगे सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर पुलिस के होश उड़ गए, क्योंकि फुटेज में मोनी का लिव-इन पार्टनर हर्ष खियानी बीयर खरीदता हुआ साफ दिखाई दे रहा था। इसके बाद पुलिस ने जाल बिछाया और 27 अप्रैल को कोखराज के पास से हर्ष और उसके एक साथी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कुबूल कर लिया है।
हत्या के बाद भाई के घर पहुंचा था कातिल
हर्ष खियानी कितना शातिर था, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि मोनी की हत्या करने के दो दिन बाद वह अमेठी स्थित उसके भाई धर्मराज के घर पहुंच गया। वहां उसने बेहद मासूमियत से झूठ बोला कि मोनी घर से गहने और नकदी लेकर कहीं चली गई है। वह पूरी रात मोनी के परिवार के साथ ही रुका रहा। भाई को जरा भी भनक नहीं लगी कि उसकी बहन का हत्यारा उसके सामने ही बैठा है।
शातिर तरीके से शव को हाईवे पर फेंका
पुलिस के अनुसार, हर्ष ने मोनी की गला घोंटकर हत्या की थी और शव को ठिकाने लगाने के लिए लोहे के बॉक्स का इस्तेमाल किया। 15 अप्रैल की शाम वह कार से कौशांबी पहुंचा और हाईवे किनारे बक्सा फेंककर फरार हो गया। सीओ क्राइम शिवांक सिंह ने बताया कि बीयर की बोतल का वह बार कोड ही इस केस का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। वर्तमान में पुलिस आरोपी और उसके साथी से आगे की पूछताछ कर रही है।


