शिमला के पास चलती एंबुलेंस में गूंजी किलकारी, स्वास्थ्य कर्मियों ने देवदूत बनकर बचाई मां और बच्चे की जान

Himachal News: हिमाचल प्रदेश के ठियोग से एक बेहद सुखद और प्रेरक खबर आई है। यहां एक चलती एंबुलेंस में स्वास्थ्य कर्मियों ने 19 वर्षीय गर्भवती महिला का सुरक्षित प्रसव करवाया है। महिला को निरथ से शिमला अस्पताल ले जाया जा रहा था। रास्ते में अचानक प्रसव पीड़ा बढ़ने पर एंबुलेंस कर्मियों ने तुरंत अपनी शानदार सूझबूझ दिखाई। सही समय पर मिली मदद से मां और नवजात बच्चा दोनों पूरी तरह से सुरक्षित और स्वस्थ हैं।

ठियोग के पास अचानक बढ़ गया था महिला का दर्द

यह घटना सुबह करीब छह बजे की है। एंबुलेंस जब ठियोग के पास पहुंची, तो महिला को बहुत तेज दर्द होने लगा। अस्पताल पहुंचने में अभी समय बाकी था। हालात की गंभीरता को देखते हुए आपात चिकित्सा कर्मी (ईएमटी) लवीता ने तुरंत मोर्चा संभाला। उन्होंने अपनी मेडिकल ट्रेनिंग और सूझबूझ का इस्तेमाल करते हुए एंबुलेंस के अंदर ही सुरक्षित डिलीवरी करवा दी।

चालक रिंकू और ईएमटी लवीता की हो रही जमकर तारीफ

इस आपात स्थिति में एंबुलेंस चालक रिंकू ने भी अहम जिम्मेदारी निभाई। उसने मुश्किल और घुमावदार पहाड़ी रास्ते पर वाहन को बेहद सुरक्षित तरीके से संभाला। लवीता और रिंकू के इस शानदार तालमेल ने एक साथ दो जानें बचा ली हैं। पूरे क्षेत्र के स्थानीय लोग इन दोनों एंबुलेंस कर्मियों के इस साहसिक और नेक काम की जमकर सराहना कर रहे हैं।

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